dc Cover 4u9i5tth2hcecm28oqlfv6kda7 20170921093538.Medi

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए साल 2004 में शुरूआत की। महेन्द्र सिंह धोनी ने भारतीय क्रिकेट टीम को इसके बाद एक बड़ा योगदान दिया, जिसे कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। महेन्द्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफल कप्तान रहे हैं। धोनी की कप्तानी के काल में कई क्रिकेटर हुए जिन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाने के प्रय़ास किए, लेकिन इन खिलाड़ियों को टीम में जगह नहीं मिल पायी।

123

ऐसे में आज हम आपको ऐसे ही कुछ भारतीय खिलाड़ी के बारे में बताते हैं, जिन्होंने कोशिश तो की, लेकिन धोनी के युग में टीम में जगह नहीं बना सके, बल्कि कहीं ना कहीं ये खिलाड़ी इसके हकदार थे।

इरफान पठान

भारतीय क्रिकेट इतिहास में इरफान पठान का नाम एक शानदार प्रतिभाशाली खिलाड़ी के रूप में लिया जाता है। इरफान पठान ने अपने करियर की शुरूआत में ही जबरदस्त प्रदर्शन कर एक खासा नाम कमाया।

इरफान पठान ने पहले तो सौरव गांगुली और फिर उसके बाद राहुल द्रविड़ की कप्तानी में जमकर अपना जलवा बिखेरा। वैसे इरफान पठान धोनी की कप्तानी में भी टूकड़ो में खेलते रहे, लेकिन नियमित तौर पर धोनी की कप्तानी में बरकरार नहीं रह सके।

irfan pathan lanka 1

रॉबिन उथप्पा

कर्नाटक के सलामी बल्लेबाज रहे रॉबिन उथप्पा ने भारतीय क्रिकेट टीम में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में अपने करियर की धमाकेदार शुरूआत की। उथप्पा ने अपनी काबिलियत से 2007 का विश्वकप भी खेला, लेकिन इसके बाद जैसे ही महेन्द्र सिंह धोनी ने कप्तानी संभाली उथप्पा का करियर नीचे गिरता गया और वो भारतीय टीम से बाहर हो गए। धोनी की कप्तानी में भले ही उथप्पा को कुछ मौके जरूर मिले, लेकिन वो बरकरार नहीं रह सके।

Indian cricketers Virat Kohli and Robin Uthappa1

नमन ओझा

इसमें कोई दो राय नहीं है कि भारतीय क्रिकेट इतिहास में महेन्द्र सिंह धोनी एक नंबर के विकेटकीपर रहे हैं। ऐसे में इतना तो साफ है कि धोनी जब तक भारतीय टीम में बरकरार रहे दूसरे विकेटकीपरों का भारतीय टीम में आना बहुत मुश्किल हो गया।

इसी तरह ही मध्यप्रदेश के नमन ओझा का भी हाल रहा जो अपने करियर के सबसे अच्छे दौर में धोनी के विकेटकीपर और कप्तान रहते टीम में लंबे समय तक जगह बनाने नाकाम साबित हुए।

Naman Ojha

केदार जाधव

भारतीय क्रिकेट टीम का छोटा पटाखा केदार जाधव इस समय भारतीय वनडे टीम के प्रमुख खिलाड़ी बन चुके हैं लेकिन जहां तक बात करें केदार जाधव के करियर की शुरूआत की तो उनका करियर बड़े समय बाद शुरू हुआ।

केदार को अपने शानदार फॉर्म के दौरान धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम में जगह नहीं मिल सकी। ऐसे में ये कहां जा सकता है कि केदार को समय पर मौका मिल जाता, तो वो भारत के लिए अब तक तो कई मैच खेल चुके होते।

kedar

अंबाती रायडू

Ambati rayudu

हैदराबाद के जबरदस्त बल्लेबाज और भारतीय अंडर-19 टीम के पूर्व कप्तान अंबाती रायडू को एक समय भारतीय क्रिकेट का भविष्य कहा जाता था। अंबाती रायडू ने शानदार बल्लेबाजी का योगदान दिया।

रायडू ने धोनी की कप्तानी में ही भारतीय टीम में डेब्यू किया लेकिन धोनी की कप्तानी में उन्हें नियमित जगह नहीं मिल सकी। और आज रायडू भारतीय टीम से ही बाहर हैं।

NISHANT

खेल पत्रकार

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *