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भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए डे-नाइट टेस्ट मैच को टीम इंडिया ने 10 विकेट से जीतकर सीरीज पर 2-1 की बढ़त बना ली है। पिच पर जिस तरह से स्पिन गेंदबाजों को मदद मिल रही थी, इसके चलते एक बार फिर पिच को तमाम क्रिकेटर्स द्वारा खराब बताया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं आईसीसी के अनुसार कौन सी पिच खराब होती हैं? तो आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं आईसीसी किस पिच को खराब मानता है।

क्या है आईसीसी का नियम?

पिच

इन दिनों पिच को लेकर काफी किचकिच चल रही है। पहले चेन्नई के दूसरे मैच की पिच पर सवाल उठाए गए और अब जिस तरह से अहमदाबाद में डे-नाइट टेस्ट मैच हुआ, उसके बाद एक बार फिर पिच सवालों के घेरे में आ गई है। तो आइए आपको बताते हैं आईसीसी के अनुसार पिच एक ऐसा ट्रैक होता है जहां गेंद और बल्ले के बीच संतुलित मुकाबला ना हो। वेबसाइड के मुताबिक,

‘अगर पिच बल्लेबाजों के ज्यादा मुफीद हो और गेंदबाजों को जरा भी मदद नहीं मिल रही हो। या फिर पिच में ज्यादा स्पिन या सीम हो और बल्लेबाजों को रन बनाने का मौका ना मिल रहा हो तो उसे खराब पिच कहा जाता है। अगर पिच में स्पिनर्स को बहुत ज्यादा मदद मिल रही हो तो वो भी खराब पिच की श्रेणी में आती है। भारतीय उपमहाद्वीप में पहले दिन कुछ डिग्री तक गेंद घूमना गलत नहीं है लेकिन उसके साथ असमान उछाल नामंजूर है।’

विराट कोहली और सुनील गावस्कर ने

भारत ने इंग्लैंड के साथ खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में भारत के स्पिन गेंदबाजों का बोलबाला दिखा। मैच को भारत ने 10 विकेट से तो जीता ही, यहां अक्षर पटेल ने 11 और रविचंद्रन अश्विन ने 7 विकेट चटकाए। युवराज सिंह, हरभजन सिंह, वीवीएस लक्ष्मण ने इस पिच को खराब बताया, वहीं पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर और भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इस पिच पर बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन को दोष दिया।

वहीं जो रूट का कहना है कि पिच अच्छी थी या खराब इसका फैसला आईसीसी करेगी, खिलाड़ी नहीं। बताते चलें, चेन्नई में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच की पिच पर विदेशी खिलाड़ियों ने सवाल खड़े किए थे। जिसके बाद पिच जांच के दायरे में आ गई है।

खराब पिच पर कार्रवाई होती

आईसीसी

खराब पिच होने पर उस मेजबानी स्थल पर दो साल तक का बैन लग सकता है। जी हां, आईसीसी के नियमों के हिसाब से यही सजा तय की गई है। अगर कोई स्टेडियम पांच डीमेरिट अंक तक पहुंचता है तो आईसीसी उसकी मान्यता 12 महीने यानि एक साल तक बैन करती है। वहीं 10 डीमेरिट प्वॉइंट्स पर 2 साल तक उस स्टेडियम में मैच नहीं हो सकता।