ऋषभ पंत

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज का सिडनी टेस्ट मैच के तीसरे दिन दो बड़े झटके लगे। असल में भारत के ऑलराउंडर खिलाड़ी रविंद्र जडेजा व विकेटकीपर ऋषभ पंत को इंजरी हो गई और वह ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी के दौरान मैदान पर नहीं उतर सके। जिसके बाद जडेजा की जगह मयंक अग्रवाल फील्डिंग करने के लिए उतरे और आईसीसी नियमों के तहत रिजर्व विकेटकीपर रिद्धिमान साहा ने उनकी जगह ली।

ऋषभ पंत – रविंद्र जडेजा हुए इंजर्ड

सिडनी टेस्ट

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के साथ खेले जा रही बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में भारतीय खिलाड़ियों के चोटिल होने का सिलसिला बरकरार है। सिडनी टेस्ट मैच के तीसरे दिन रविंद्र जडेजा व ऋषभ पंत चोटिल हो गए। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों की गेंदों से चोट लगने के बाद स्कैन के लिए ले जाया गया। इन दोनों का तीसरे टेस्ट में आगे खेलना संदिग्ध हो गया है। दोनों ही खिलाड़ियों को स्कैन के लिए भेजा गया है।

जडेजा की जगह फील्डिंग के लिए मैदान पर मयंक अग्रवाल को भेजा गया, तो वहीं आईसीसी के बदले हुए नियम की बदौलत ऋषभ पंत की जगह विकेटकीपिंग के लिए स्क्वाड में मौजूद रिद्दिमान साहा को मैदान पर भेजा गया।

2017 में बदला है आईसीसी का नियम

आईसीसी के बदले हुए नियम की ही बदौलत ऋषभ पंत के इंजर्ड होने पर भारतीय क्रिकेट टीम के लिए रिद्दिमान साहा विकेटकीपिंग कर सके। मगर क्या आप जानते हैं पहले नियम क्या था? दरअसल, 1980 से 2017 के बीच आईसीसी के नियमों के अनुसार चोटिल खिलाड़ी की जगह मैदान पर उतरने वाले फील्डर को विकेटकीपिंग करने की इजाजत नहीं थी।

मगर वक्त के साथ आईसीसी भी अपने नियमों में बदलाव करती रहती है। साल 2017 में मेलबर्न क्रिकेट क्लब ने अक्टूबर माह में पहली बार नियम बनाया कि अब किसी खिलाड़ी के इंजर्ड होने के बाद सब्सिट्यूड के रूप में मैदान पर उतरने वाला खिलाड़ी विकेटकीपिंग भी कर सकता है। आपको बता दें, इस नियम का पहली बार फायदा उठाने वाली टीम कोई और नहीं बल्कि टीम इंडिया है।

सब्सिट्यूट फील्डर नहीं कर सकता बल्लेबाजी-गेंदबाजी

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भारतीय क्रिकेट टीम ही वह टीम है जिसने आईसीसी के इस बदले हुए नियम का सबसे पहले फायदा उठाया था। साल 2018 में जोहांसबर्ग टेस्ट के दौरान भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल के चोटिल होने पर दिनेश कार्तिक ने विकेटकीपिंग जिम्मेदारी संभाली थी। हालांकि अभी भी आईसीसी के नियम के अंतर्गत सब्सिट्यूट के तहत मैदान पर उतरने वाला खिलाड़ी बल्लेबाजी व गेंदबाजी नहीं कर सकता।

एक मात्र कनकशन के मामले में ही दूसरे खिलाड़ियों को बल्लेबाजी और गेंदबाजी की इजाजत मिलती है। जी हां, एशेज के दौरान स्टीव स्मिथ को कनकशन होने पर पहली बार मार्नस लाबुशेन, जो कि सब्सिट्यूट के रूप में मैदान पर उतरे थे उन्होंने बल्लेबाजी की थी।

बताते चलें, भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जा रहा सिडनी टेस्ट मैच अब ऑस्ट्रेलिया की तरफ झुकता दिख रहा है, क्योंकि तीसरा दिन ऑस्ट्रेलिया ने पूरी तरह अपने नाम किया।