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भारत-इंग्लैंड (INDvsENG) के बीच खेले गए तीसरे पिंक बॉल डे-नाइट टेस्ट मैच को लेकर आईसीसी (ICC) ने अपना फैसला सुना दिया है. अहमदाबाद की पिच लगातार तीसरे टेस्ट के बाद विवादों में थी. इस दौरान कई बड़े दिग्गजों ने पिच को लेकर निशाना साधा था. इस मुकाबले को भारत ने 10 विकेट से अपने नाम कर लिया था. लेकिन इसके बाद पिच को लेकर काफी बवाल मचा था. यहां तक मामला आईसीसी तक पहुंच गया था.

पिंक बॉल टेस्ट मैच को लेकर आईसीसी ने सुनाया फैसला

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दरअसल अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में पिच को आईसीसी ने ‘औसत पिच’  करार दिया है, जो न ज्यादा खराब थी और न ही ज्यादा अच्छी थी. ऐसे में अब पिच पर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं लगेगा. क्योंकि यह सिर्फ एक रेटिंग औसत थी.

दरअसल दोनों टीमों के बीच खेला गया तीसरा टेस्ट मैच महज 2 दिन के अंदर खत्म हो गया था. ऐसा टेस्ट  इतिहास में बहुत कम ही बार देखा गया है, जब मैच सिर्फ दो दिन के अंदर खत्म हो जाए. यही कारण था कि, डेविड लॉयड से लेकर माइकल वॉन, एलेस्टेयर कुक और एंड्रयू स्ट्रॉस जैसे पूर्व इंग्लिश खिलाड़ियों ने पिच पर सवाल खड़े किए थे.

क्या कहता है आईसीसी का नियम

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दरअसल पिच को लेकर चल रहे विवाद का फैसला इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने क्रिकेट काउंसिल पर छोड़ दिया था, तो वहीं विराट कोहली ने बल्लेबाजों पर ही कई सवाल उठा दिए थे. जनवरी 2018 में जारी हुए नए आईसीसी नियमों की माने तो, ‘औसत’ रेटिंग पिच घोषित होने पर पिच पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगता है. यदि पिच खराब घोषित की जाती है तो, इसके परिणाम गंभीर होते हैं. औसत रेटिंग में एक डिमेरिट प्वाइंट होता.

यदि आईसीसी किसी पिच को खराब रेटिंग देती है तो, उस पिच पर 2 साल तक के लिए मैच नहीं कराए जाते हैं. यदि कोई स्टेडियम को 5 डीमेरिट प्वाइंट मिलता है तो, आईसीसी उसे 1 साल के लिए बैन कर देती है. जबकि 10 डीमेरिट अंक मिलने के बाद स्टेडियम पर 2 साल तक का प्रतिबंध लगा दिया जाता है.

क्यों आईसीसी ने पिच को रेटिंग औसत घोषित किया?

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हालांकि नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए तीसरे मैच में पिच को लेकर काफी समय से विवाद जारी था, जिस पर अब आईसीसी ने मैच रेफरी के मुताबित फैसला करते हुए बहस पर विराम लगा दिया है. पिच को औसत रेटिंग इसलिए भी घोषित किया गया है, क्योंकि इस मैदान पर लिए गए 30 विकेट में 21 विकेट सीधी गेंद पर गिरे थे.

दरअसल इंग्लैंड की तरफ से इस तरह की शिकायत की जा रही थी, कि गेंद पिच पर काफी टर्न हो रही थी, लेकिन जांच पड़ताल में यह पाया गया है कि, किसी भी तरह से गेंद टर्न नहीं हो रही थी, बल्कि सीधी गेंद पर ही विकेट गिर रहे थे. इसलिए पिच को कोई दोषपूर्ण अंक नहीं दिए गए हैं.