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भारतीय टीम के लिए कोच चुनने के लिए बीसीसीआई ने एक तीन सदस्सीय समिति का गठन किया. जिसमे भारत के पूर्व महान खिलाड़ियों कों शामिल किया गया. क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर, वैरी वैरी स्पेशल वीवीएस लक्ष्मण, और भारत के पूर्व सफ़ल कप्तान सौरव गांगुली को. इन्होने रवि शास्त्री  के रूप में भारतीय टीम का कोच चुन लिया. हालांकि कुछ लोग इस बात का विरोध भी कर रहे है, कि यदि रवि शास्त्री कों ही टीम का कोच बनाना था, तो पहले अनिल कुम्बले को कोच क्यों बनाया गया. एक साल मे रवि शास्त्री ने कौन सा नया ज्ञान सीख लिया, जो वो इस पद के योग्य हो गये.

बीसीसीआई ने बताया आखिर क्यों शास्त्री –

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रवि शास्त्री को लेकर उठ रही आवाजों कों ध्यान में रख कर बीसीसीआई ने एक बयान जारी किया और बताया आखिर क्यों रवि शास्त्री को टीम के कोच पद के लिए चुना गया. उन्होंने बताया कि क्रिकेट एडवाइजरी कमिटी (सीएसी) रवि शास्त्री के दमदार प्रेजेंटेशन से बहुत प्रभावित हुई. उन्होंने इस बात कों बखूबी ढंग से बताया कि वह टीम कों किस तरह से आगे ले कर जाएंगे. दूसरी वजह यह है कि रवि शास्त्री पहले टीम के डायरेक्टर की भूमिका निभा चुके है और उनका काम सराहनीय रहा है. इस कारण रवि शास्त्री कों कोच पद के लिए नामित किया गया.

बिना पैसे लिए योगदान –

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बीसीसीआई ने (सीएसी) के सभी सदस्यों कों दिल से शुक्रिया कहा. उसने कहा कि कमिटी ने चयनप्रक्रिया कों पूरी तरह से पारदर्शी बनाए रखा. तथा बिना किसी फायदे के या बिना एक भी रूपए लिए अपना काम निष्ठा के साथ किया. यानि की सचिन सौरव और वीवीएस ने कोच पद चुनने के लिए एक भी रूपए नही लिए.

सहकोच शास्त्री से पूछ कर ही बनाए गये-

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बीसीसीआई ने उन ख़बरों का खंडन किया जिसमे कहा गया कि गेंदबाजी कोच और विदेशी दौरों के लिए बल्लेबाजी कोच बिना रवि शास्त्री की सहमति से हुआ. बीसीसीआई ने कहा कि जहीर खान और राहुल द्रविड़ कों चुनने में रवि शास्त्री की पूरी सहमती थी. आप को बता दें, जहीर खान को बॉलिंग कोच और राहुल द्रविड़ को जब टीम बाहर खेलने जाएगी तब बैटिंग एक्सपर्ट के तौर पर रखा गया है.