जैसा की हम जानते है की हैदराबाद बहुत ही अच्छी डिफेंडर्स है। इन्होने अभी तक 5 मैच छोटे स्कोर को डिफेंड करते हुए जीते है। मुंबई इंडियंस और किंग्स XI पंजाब जैसी सितारों से सजी टीमो के मुह से भी ये लोग मैच डिफेंड करते हुए जीत लाये है। सुपरकिंग्स के लिए आगे का रास्ता काफी मुश्किल हो सकता है।

  • विकेट लेना ज़रूरी- सुपरकिंग्स सिर्फ पावरप्लेस में विकेट ले कर मैच जीत सकती है। डवायेन ब्रावो, लुंगी एनगिडी, हरभजन सिंह, कर्ण शर्मा जैसे खिलाड़ी उन्हें पावरप्ले के साथ साथ मिडिल ओवर में भी विकेट्स दिला सकते है। तो उनके(चेन्नई) लिए सही समय पर विकेट्स लेना बहुत ज़रूरी है ताकि वह हैदराबाद पर चेस और पहली बैटिंग करते समय दबाव बना सकते है।
  • बैटिंग भी है ज़रूरी- चेन्नई के पास शेन वाट्सन और अम्बाती रायडू जैसे खिलाड़ी है जिन्होंने एक एक शतक अपने नाम किया है। धोनी और ब्रावो जैसे मिडिल आर्डर के खिलाड़ी काफी रन बनाते है जिससे इस टीम को मजबूती मिलती है और यह सब मिल कर एक बड़ा टारगेट दे सकती है या कोई भी टारगेट आराम से चेस कर सकती है
  • फील्डिंग भी है ज़रूरी- सिर्फ बत्टिंग या बोलिंग ही नही फील्डिंग भी ज़रूरी है, हैदराबाद की फील्डिंग इस साल के आईपीएल में बहुत अच्छी रही है। तो अगर चेन्नई को मैच जीतना है तो फील्डिंग बहुत अच्छी करनी होगी ताकि कम रन हैदराबाद वाले बना सके।
  • सिंगल्स और डबल्स भी ज़रूरी- चेन्नई के बैट्समेन को स्ट्राइक रोटेट करते रहना होगा ताकि स्कोर बोर्ड में रन्स जुड़ते रहे। स्ट्राइक रोटेट करते रहने से आप हैदराबाद के अफगानी खिलाड़ी रशीद खान पर भी प्रेशर बना सकते है और साथ ही केन विलियमसन पर अपनी बोलिंग स्ट्रेटेजी को बदलने पर मजबूर कर सकते है जो आमतौर पर सिर्फ 5 ही बोलर्स से बोलिंग कराने पर भरोसा करते है, इससे उन्हें अपनी स्ट्रेटेजी में बदलाव लाना ही पड़ेगा|
  • अपना दिमाग ठंडा रखना ज़रूरी- आमतौर पर धोनी को लोग अपनी कूलनेस के लिए ही जाना जाता है, लेकिन क्वालीफ़ायर एक बहुत ही प्रेशर का समय है तो दोनों ही कप्तानो को अपना दिमाग ठंडा रखना ज़रूरी है।

तो यही वो ५ पॉइंट्स है जिनसे चेन्नई आसानी से मैच जीत सकती है।

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