Hardik Pandya e1659938395779

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की ओर से शुरू की गई वो प्रथा तो सबको ही याद होगी, जिसमें सीरीज जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के नए या युवा खिलाड़ी को थमाते थे। उनके बाद उनकी इस रीत को विराट कोहली और रोहित ने भी बढ़ाया। लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ़ पांच मैचों की टी20 सीरीज जीतने के बाद टीम के कप्तान Hardik Pandya ने माही की इस पुरानी रीत को तोड़ अपनी नई प्रथा शुरू की। सीरीज जीतने के बाद उन्होंने युवा या नए खिलाड़ी की जगह इन्हें ट्रॉफी थमाई।

Hardik Pandya ने तोड़ी एमएस धोनी की पुरानी प्रथा

Hardik Pandya

दरअसल, वेस्टइंडीज के खिलाफ़ भारतीय टीम की जीत तो चौथे मुकाबले में मेजबान टीम को मात देकर ही पक्की हो गई थी। हालांकि टीम को ट्रॉफी कल यानी 7 अगस्त को पांचवां मैच खत्म होने के बाद दी गई। वहीं, मैच में टीम के कप्तान बने Hardik Pandya को ट्रॉफी सौंपी गई, तब उन्होंने माही की बनाई हुई प्रथा को भंग करते हुए ट्रॉफी टीम के किसी सपोर्टिंग स्टाफ को थमा दी। जिसके बाद से ही ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसके पीछे कारण यह भी हो सकता है कि विंडीज दौरे पर चुनी गई टी20 टीम में कोई डेब्यूटेंट या ऐसा खिलाड़ी नहीं था जिसने पहले कभी ट्रॉफी नहीं उठाई हो।

Hardik Pandya की कप्तानी में भारत ने हासिल की जीत

WI vs IND 5th T20-Hardik Pandya

टी20 ट्रॉफी जीतने के बाद हार्दिक पांड्या टीम में पहुंचे और फिर वह अपने एक सपोर्ट स्टाफ को टीम के पास ले आए। हार्दिक ने उन्हें ट्रॉफी दी और टीम के साथ एक तस्वीर खिंचवाने के लिए कहा। हालांकि अभी इस सपोर्ट स्टाफ के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। हार्दिक की कप्तानी में टीम ने काफी बेहतरीन प्रदर्शन किया। टॉस जीतकर टीम ने पहले बल्लेबाजी चुनी। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने 188 रन का टारगेट दिया। दिए गए टारगेट का पीछा करने उतरी विंडीज़ टीम 100 रन बनाने में ही सफल रही।