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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलकर वापस भारत लौटे चेतेश्वर पुजारा. हरभजन सिंह समेत कई दिग्गजों से तारीफ बटोरने के साथी ही पूरे क्रिकेट जगत में अपनी बल्लेबाजी तकनीकि के चलते चर्चा बटोर रहे हैं. आखिरी टेस्ट मैच में विरोधी गेंदबाजों की लगातार गेंदों की चोट खाने के बाद भी टीम की तरफ से दीवार बनकर पुजारा खड़े रहे थे. उनकी बदौलत टीम ने ज्यादा विकेट नहीं गंवाए और सीरीज पर 2-1 से शानदार जीत हासिल की थी.

चेतेश्वर पुजारा के कायल हुए हरभजन सिंह

हरभजन सिंह

चेतेश्वर पुजारा की बल्लेबाजी के कायल स्पिनर गेंदबाज हरभजन सिंह भी हो गए हैं, और उन्होंने हमेशा के लिए उन्हें अपनी प्लेइंग 11 में शामिल करने की बात कही है. उनका कहना है कि, पुजारा ऑल टाइम टेस्ट टीम का हिस्सा रहेंगे. साल 2018 और 19 के दौरे पर भारतीय टीम के तरफ से लगातार 3 शतक जड़े थे. यही नहीं इस बार भी भारतीय टीम की तरफ से उन्होंने सबसे ज्यादा रन कंगारूओं के खिलाफ टेस्ट सीरीज में ठोके हैं.

हालांकि शुरूआती के 2 टेस्ट मैच में चेतेश्वर पुजारा कुछ खास बल्लेबाजी नहीं कर पाए थे. लेकिन आखिरी के दो मुताबलों में उन्होंने जिस तरह से वापसी करते हुए शानदार बल्लेबाजी की थी, उसने सभी का दिल जीत लिया. ब्रिस्बेन में उनकी बैटिंग ने हर किसी को प्रभावित कर दिया.

हरभजन सिंह ने चेतेश्वर पुजारा को प्लेइंग 11 में किया शामिल

हरभजन सिंह

पुजारा की पारी को लेकर हरभजन सिंह का कहना है कि, आखिरी में भारत ने 328 रन का जो लंबा लक्ष्य पार किया, उसमें सबसे बड़ा योगदान पुजारा की रहा है. उन्होंने एक निजी न्यूज चैनल से इस बारे में बात करते हुए कहा कि, ‘पिछली बार भी उन्होंने जबरदस्त बल्लेबाजी की थी. उनका 50 रन का योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा था. एक तरफ से उन्होंने पारी को संभाले रखा और दूसरी तरफ से बल्लेबाज रन बनाते गए.

हरभजन सिंह ने यह भी कहा कि,

“वह टीम इंडिया के लिए बहुत ही ज्यादा मायने रखते हैं. इसलिए मैं हमेशा उन्हें अपने ऑल-टाइम प्लेइंग इलेवन में रखूंगा. क्योंकि वह ऐसे खिलाड़ियों में आता है, जो दूसरों खिलाड़ियों को उनके खेलने के तरीके और लक्ष्य को हासिल करने में मदद करता है.”

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने की थी अच्छी वापसी

हरभजन सिंह

इसके साथ ही आगे बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात भी कहा कि,

‘ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह एक महत्वपूर्ण सीरीज थी. हमारी तरफ से पूरे आत्मविश्वास के साथ खेल की शुरुआत की गई थी, पिछली बार भी साल 2018-19 में उसने अच्छा खेला था. यहां तक कि एडिलेड वाले टेस्ट मैच में भी पहले के दो दिन हम ही आगे थे’.

‘लेकिन तीसरे दिन, 1 घंटे में हमने अपना सारा संयम खो दिया, और मैच हार गए. उस दौरान महज निराशा हाथ लगी थी, लेकिन जिस तरह से मेलबर्न से हमने वापसी की, वह हमारे क्रिकेट करियर में सबसे बड़ी वापसी थी. यदि मुझे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ टेस्ट सीरीज का चुनाव करने को कहा जाता है तो मैं 2017 में खेली गई घरेलू  और 2018-19 में की सीरीज के बीच चुनाव करने में उलझ जाउंगा’.