Glenn Maxwell

IPL 2022: रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के विस्फोटक बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell) ने पंजाब किंग्स के साथ बिताए पुराने सीजन को याद किया है. ग्लेन मैक्सवेल ने बताया कि साल 2020 का सीजन उनके लिए बेहद खराब था. वो साल उनके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था. पंजाब किंग्स के लिए मैक्सवेल पूरी तरफ फ्लॉफ साबित हुए. पूरे सीजन में एक भी छक्का नहीं लगा पाए. मैक्सवेल ने 15.52 की औसत से 13 मैचों में सिर्फ 108 रन ही बनाए थे. आरसीबी पॉडकास्ट में मैक्सवेल (Glenn Maxwell) कई बड़े खुलासे किए हैं.

IPL 2020 के सीजन में Glenn Maxwell रहे फ्लॉप

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ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ बल्लेबाज मैक्सवेल (Glenn Maxwell) लंबे- लंबे छक्के मारने के लिए जाने जाते है, लेकिन जब बुरा वक्त आता है तो खिलाड़ी पूरी तरह से आलोचनाओं का शिकार हो जाता है. ऐसा ही कुछ  साल 2020 में मैक्सवेल के साथ हुआ था. 13 मैचों में सिर्फ 108 रन ही बना पाए थे. जब भी वे बल्लेबाजी करने आए तो उन्हें कई मौकों पर 10 से कम गेंदें मिलीं. जिसकी वजह से मैक्सवेल बड़ा स्कोर करने में सफल नहीं हो पाए. इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा,

“यह स्पष्ट रूप से एक कठिन समय था, पिछले दो साल बहुत अच्छे रहे लेकिन मैं पूरे टूर्नामेंट में गति प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहा था. 2020 सीज़न एक बुरा सपना था. वास्तव में कुछ भी सही नहीं हुआ. टी 20 क्रिकेट कठिन हो सकता है यदि आप एक मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज है. आपको बीच में बहुत सारी गेंदें खेलने को नहीं मिल रही हैं. आपको निरंतरता नहीं मिल रही है. केएल और मयंक रनों का अंबार बना रहे थे. कई बार मुझे सामना करना पड़ा एक या दो ओवर से भी कम.”

‘मैं आंद्रे रसेल की तरह नहीं हूं, जो पहली गेंद पर आउट हो जाऊ’

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आईपीएल में हर बल्लेबाज का बल्लेबाजी करने का स्टाइल अलग होता है. सीज़न के दूसरे भाग में क्रिस गेल को टीम में शामिल किए जाने के बाद मैक्सवेल को नीचे खिलाया जाने लगा. जिससे उनकी बल्लेबाजी पर काफी प्रभाव पड़ा. उनके बल्ले से रन निकलने बंद हो गए. लेकिन, उन्होंने अपनी गेंदबाजी के दम पर टीम में अपना स्थान बनाए रखा. मैक्सवेल (Glenn Maxwell) ने कहा,

“आप जितना चाहें उतना प्रशिक्षण ले सकते हैं. लेकिन, अगर आपके पास खेल में लय नहीं है, तो खिलाड़ी के लिए खुद को फिर से खोजना मुश्किल हो जाता है. मैं हर खेल में जा रहा था 6 महीने से बल्लेबाजी नहीं की. भले ही मैं हर रोज ट्रेनिंग कर रहा था लेकिन, मुझे लय नहीं मिल रही थी.

हमारे पास बहुत सारे टॉप ऑर्डर बल्लेबाज थे और हम गेल को भी ले आये थे जिसकी वजह से मेरा स्थान एक पायदान नीचे खिसक गया. मैं ऊपर जाकर खुद को बोला कि शायद मुझे दोबारा खेलने का मौका न मिले. मैं आंद्रे रसेल नहीं हूं जो पहली ही गेंद पर आते ही छक्का लगा दे, मुझे वक्त चाहिये होता है लेकिन ,पंजाब में मेरे लिये वो मुश्किल होता जा रहा था.”