2011 विश्वकप के फाइनल में जरूर धोनी के 92 रनों की चर्चा ज्यादा की जाती हो। लेकिन बाएं हाथ के ओपनर गंभीर की 97 रन की पारी ही थी, जिसने भारत को एक मजबूत शुरुआत दी। भारत के इस अनुभवी बल्लेबाज ने हालही महेंद्र सिंह धोनी के इंग्लैंड में किए गए प्रदर्शन पर टिप्पणी की है।

17 जुलाई को आखिरी और निर्णायक मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 8 विकेट से हरा 2-1 से श्रृंखला अपने नाम कर ली है। यह टिप्पणी धोनी के बल्लेबाजी को ले की गई है।

दूसरे एकदिवसीय में दर्शकों ने धीमी बल्लेबाजी करने पर मैदान में ही शोर मचाया था, तीसरे एकदिवसीय में भी रहे फ्लॉप

New Delhi: File Photo- Cricket captain M S Dhoni on Wednesday steps down as India’s limited overs captain. PTI Photo (PTI1_4_2017_000253B)

दूसरे एक दिवसीय मुकाबले में विराट के विकेट गिरने पर धोनी मैदान में बल्लेबाजी करने आए थे। जब मैदान में धोनी आए थे उस समय भारत को करीब 23 ओवरों में 183 रन की जरूरत थी। यानी 8 से भी कम की औसत से रन बनाने थे। जब धोनी आउट हो के गए उस समय टीम को जीतने के लिए 16 से भी ऊपर की औसत चाहिए थी।

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लोगों ने इनकी इस धीमी बल्लेबाजी पर मैदान में ही निराश होने वाली ध्वनि निकाली थी। मैच के बाद कप्तान विराट ने धोनी का बचाव भी किया था। निर्णायक मुकाबले में भी धोनी अपनी अच्छी फिनिशिंग का जलवा नहीं दिखा पाए। यहाँ भी उन्होंने धीमी बल्लेबाजी की।

क्या कहा गंभीर ने

Navdeep saini credits his carrier success to gautam gambhir
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क्रिकबज़्ज़ से बातचीत के दौरान जब धोनी पर बात उठी तो गंभीर ने कहा ” जिस तरीके से दूसरे एकदिवसीय में और आज धोनी ने बल्लेबाजी की है, उन्होंने ज्यादा डॉट बॉल्स खेली है। इस समय वह जिस तरह की बल्लेबाजी कर रहे है, वो दूसरे बल्लेबाजों पर काफी दबाव डाल रहे है। उन्हें बल्लेबाजी को ले और ज्यादा सुरक्षात्मक होना होगा।”

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आगे जोड़ते हुए गंभीर ने कहा कि

” राशीद और मोईन ने जिस तरह की गेंदबाजी की है वो धोनी के खराब बल्लेबाजी का कारण है। पिछले दो सालों में मैंने उन्हें इतने डॉट बॉल खेलते नहीं देखा है। इस चीज पर उन्हें जरूर काम करना होगा। धोनी एक ऐसे बल्लेबाज है, जो मैदान में काफी ज्यादा समय लेते है। लेकिन बाद में यानी आखिरी के दस ओवरों में वह आक्रामक भी हो जाते है। लेकिन ये चीज आखिरी दो मैचों में गायब दिखी है।”

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उन्होंने यह भी कहा कि “आज जिस समय धोनी आउट हुए है वो समय गेंदबाजो पर हावी होने का था। अगर वो ऐसा करते, तो भारत जरूर 280 के करीब रन बना पाता।”

आंकड़ो भी यही कह रहे

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अपने कैरियर में धोनी ने एकदिवसीय श्रृंखलाओं में 88.13 के स्ट्राइक रेट से रन मारे है। जबकि इंग्लैंड के विरुद्ध एकदिवसीय श्रृंखला के दूसरे मुकाबले में धोनी ने 63.64 के स्ट्राइक रेट से 42 रन बनाए। तो वहीं तीसरे मुकाबले में 62.71 के स्ट्राइक रेट से 37 रन बनाए। यानी पूरी श्रृंखला में 63.71 की स्ट्राइक रेट से कुल 79 रन बनाए।