E. A. S. Prasanna

भारतीय क्रिकेट टीम के सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों की लिस्ट में शुमार ईरापल्ली प्रसन्ना E. A. S. Prasanna आज अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं। प्रसन्ना ने अपने करियर में भारत के लिए 45 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए भारतीय टीम के लिए मैच विनिंग प्रदर्शन किया। 1970 के दशक में ईरापल्ली प्रसन्ना, बिशन सिंह बेदी, एस वेंकटराघवन और भागवत चंद्रशेखर की चौकड़ी काफी मशहूर हुआ करती थी।

डेब्यू के बाद इंजीनियर बनने चले गए थे Prasanna

E. A. S. Prasanna

आज भी क्रिकेट के गलियारों में जब भारत के बेहतरीन स्पिनरों का जिक्र होता है, तो उसमें E. A. S. Prasanna का नाम बहुत ही अदब से लिया जाता है। Prasanna ने सिर्फ 22 साल की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में डेब्यू किया था। लेकिन इसके बाद वह क्रिकेट के गलियारों से दूर पांच साल के लिए इंजीनिरिंग की पढ़ाई करने चले गए, क्योंकि ये उनके पिता का सपना था, जिसे वह पूरा करने में जुट गए। प्रसन्ना ने एक इंटरव्यू में कहा था,

“एक क्रिकेटर के लिए प्राइम पीरियड तब होता है जब वह लगभग 27 या 28 साल का होता है। जब मेरे पिताजी का निधन हुआ, तब मैं 22 वर्ष का था। अगर मैं उन पांच वर्षों में भारत के लिए खेलता, तो मुझे नहीं पता कि मैं कितने विकेट हासिल कर पाता।”

विराट कोहली को लेकर दिया था कठोर बयान

साल 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी के बाद विराट कोहली और अनिल कुंबले की विवाद की खबरें आईं और कुंबले ने कोच के पद से इस्तीफा दे दिया था। उस वक्त पूर्व स्पिनर E. A. S. Prasanna ने विराट को लेकर बयान दिया था। प्रसन्ना ने कहा था,

“उन्हें कोच की जरूरत क्यों है जब कप्तान ही बॉस है? मुझे तो यहां तक लगता है कि उन्हें बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण कोच (संजय बांगड़ और आर श्रीधर) की भी जरूरत नहीं है। निसंदेह कोहली बहुत अच्छा खिलाड़ी है लेकिन मैं नहीं कह सकता कि वह अच्छा कप्तान है या नहीं।”

शानदार क्रिकेटिंग रिकॉर्ड के लिए जाने जाते हैं E. A. S. Prasanna

E. A. S. Prasanna

विदेशी धरती पर किसी भी भारतीय गेंदबाज का एक पारी में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन का रिकॉर्ड आज भी प्रसन्ना के नाम पर ही दर्ज है। प्रसन्ना ने शुरुआत में जो टेस्ट खेले उसमें वह 4 विकेट चटका सके। मगर जब वह 5 साल इंजीनिरिंग की पढ़ाई करके वापस लौटे, तो उनके खेल में अलग ही स्पार्क देखने को मिला। प्रसन्ना ने महज 20 टेस्ट मैचों में अपने 100 विकेट पूरे कर लिए और वो टेस्ट में विकेटों का सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बन गए। हालांकि अब ये रिकॉर्ड रविचंद्रन अश्विन के नाम है।

प्रसन्ना ने भारत के लिए 49 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 189 विकेट अपने नाम किए। उन्होंने अपने करियर में पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा 10 बार किया जबकि मैच में दो बार दस या उससे ज्यादा विकेट झटके। E. A. S. Prasanna के प्रथम श्रेणी करियर के आंकड़े तो शानदार हैं। उन्होंने 235 मैचों में 957 चटकाए। आपको पता है, प्रसन्ना ने दो बार कर्नाटक को रणजी ट्रॉफी का खिताब भी दिलवाया है।