Virat Kohli and Ajinkya Rahane during the first Test against Australia in Adelaide 17670d083d4 medium

भारतीय क्रिकेट टीम (Team India) 3 जून को इंग्लैंड पहुंची। लेकिन अभी टीम इंडिया के खिलाड़ी एक साथ प्रैक्टिस करने के लिए मैदान पर नहीं उतर सके। तो वहीं दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम काफी वक्त से इंग्लैंड में ही है और उन परिस्थितियों की अभ्यस्त हो रही है। अब भारत के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर (Dilip Vengsarkar) का मानना है कि भारतीय टीम को यकीनन कम प्रैक्टिस की कमी आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में खलने वाली है।

खलेगी मैच प्रैक्टिस की कमी

Dilip Vengsarkar

आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप में यकीनन विराट कोहली और रोहित शर्मा अहम भूमिका निभाने वाले हैं। एक ओर विराट लंबे वक्त से उनके बल्ले से शतक के सूखे को दूर करना चाहेंगे, तो वहीं रोहित खुद को इंग्लिश परिस्थितियों में साबित करना चाहेंगे। अब चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष रहे वेंगसरकर से जब इस मुकाबले के लिए कोहली की अहमियत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा,

“अच्छी बात यह है कि दोनों शानदार लय में है। मुझे लगता है कि मैच अभ्यास की कमी उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं। मुझे लगता है कि कम से कम दौरे के शुरुआती टेस्ट में ऐसा हो सकता है।”

‘‘वह (कोहली) लंबे समय से टीम के साथ हैं और मौजूदा दौर में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक है। कोहली और रोहित विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं और उन्हें अपने प्रदर्शन और भारत की जीत पर गर्व होता होगा।‘‘

अच्छी लय में है टीम इंडिया

Dilip Vengsarkar का मानना है कि न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम को फायदा मिलेगा, क्योंकि वह पहले से ही वहां पर मौजूद हैं। वेंगसरकर ने कहा,

‘‘भारत एक बेहतर टीम है और शानदार लय में है। न्यूजीलैंड के साथ फायदे की बात यह है कि उनकी टीम ज्यादा सुर्खियों में नहीं रहती है और इस मुकाबले (विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल) से पहले उन्हें दो टेस्ट मैच खेलने को मिल रहे हैं। यह ध्यान देने वाली बात है कि न्यूजीलैंड की टीम थोड़े फायदे में है। वे यह मुकाबला (WTC Final) शुरू होने से पहले ही दो टेस्ट मैच खेलेंगे हैं जिससे परिस्थितियों से सामंजस्य बैठा सकेंगे।”

भारत को खेलने चाहिए थे मैच

Dilip Vengsarkar

भारतीय क्रिकेट टीम को इंग्लैंड में ज्यादा समय प्रैक्टिस के लिए नहीं मिलने वाला है। ऐसे में Dilip Vengsarkar का मानना है कि भारत को इन परिस्थितियों में खुद को ढ़ालने के लिए दो-तीन मैच खेलने चाहिए थे। इस पूर्व कप्तान ने कहा,

‘‘मैं मानता हूं कि भारतीय टीम को इस टेस्ट से पहले दो-तीन मैच खेलने चाहिये थे ताकि परिस्थितियों के मुताबिक खुद को ढाल सकें। बल्लेबाजों की तरह गेंदबाजों को भी मैच अभ्यास की जरूरत है।  बल्लेबाजों के साथ-साथ गेंदबाजों के लिए भी मैच खेलने और मैदान में समय बिताने की सलाह दी जाती है। आप भले ही नेट अभ्यास करते हो और मैच की परिस्थितियों के बारे में जानते हो लेकिन मैदान पर मैच खेल कर समय बिताने से हमेशा फायदा होता है, अब चाहे यह अभ्यास मैच ही क्यों ना हो।”