न्यूज़ीलैण्ड के खिलाफ दूसरे टी-20 में मिली हार के बाद धोनी की फॉर्म और टी20 में उनकी जगह को लेकर सवाल उठने लगे. हालाँकि, भारत ने तीसरा मुकाबला जीत न्यूज़ीलैण्ड से सीरीज भी जीत ली, लेकिन धोनी पर उठ रहे सवाल बंद नही हुए. कई पूर्व खिलाड़ियों ने धोनी की आलोचना की.

पूर्व भारतीय खिलाड़ी वीवीएस लक्ष्मण ने धोनी को टी20 से सन्यास लेने की सलाह दी तो आकाश चोपड़ा और आगरकर जैसे खिलाड़ियों ने धोनी से अधिक युवाओं को तरजीह देने की बात कही. हालांकि, विराट  कोहली और रवि शास्त्री ने धोनी का पूरी तरह से बचाव किया.

हालांकि, एक सत्य यह भी है कि भले ही धोनी की उम्र को देखते हुए सवाल उठाए जा रहे हों मगर धोनी ने पिछले तीन सालों में बेहतरीन बल्लेबाजी की है. उनका स्ट्राइक रेट दुनिया के कई बल्लेबाजों को टक्कर देता है.

रवि शास्त्री और कोहली का धोनी को लेकर यह है बयान-

कप्तान कोहली ने धोनी पर उठ रहे सवालों पर कहा कि, धोनी की उम्र 35 साल से ज्यादा है, इसलिए उन पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि टीम के लिए अब भी उनकी परफॉर्मेंस बेहद शानदार है. वहीं कोच रवि शास्त्री 2019 वर्ल्डकप तक धोनी को तुरुप का इक्का मानते हैं.

पिछले तीन सालों में ये है धोनी का लेखा-जोखा-

धोनी ने पिछले तीन साल में 33 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 140 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं. जबकि इससे पहले 2006 से 2014 के बीच उन्होंने केवल 2010 में इससे ज्यादा की स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे. उनका स्ट्राइक रेट दुनिया के धुरंधर बल्लेबाजों को टक्कर देता है. तुलना करने पर कुछ इस तरह के नतीजे सामने आते हैं, जो निम्नवत हैं..

पिछले 3 साल में टी20 क्रिकेट में धोनी
मैच रन एवरेज स्ट्राइक रेट
33 432 39.27 140.25
धोनी के मुकाबले टी-20 के टॉप 3 बैट्समैन
विराट कोहली
मैच रन एवरेज स्ट्राइक रेट
27 984 61.50 144.49
एरोन फिंच
मैच रन एवरेज स्ट्राइक रेट
11 376 34.18 140.82
एविन लेविस
मैच रन एवरेज स्ट्राइक रेट
14 468 36.00 154.96

 

इन आंकड़ो से भी नही मोड़ा जा सकता मुंह-

धोनी अब वैसी बल्लेबाजी नही कर रहे हैं जिसके लिए उन्हें जाना जाता है. यह केवल न्यूज़ीलैण्ड के खिलाफ ही नही पहले भी देखा गया है, यदि आंकड़ो पर गौर करें तो 100 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से पहले धोनी औसतन 23 बॉल खेलते हैं. भले ही, आखिरी तक टिके रहे तो उनका स्ट्राइक रेट 125 से ज्यादा होता है.

मगर टी20 में कई बार ऐसे हालात होते हैं, जहां आते ही लम्बे शॉट खेलने की आवश्यकता होती है. उनकी धीमी बल्लेबाजी का एक कारण यह भी हो सकता है कि बैटिंग ऑर्डर में उनकी जगह तय नहीं है.

वीडियो ऑफ़ द डे-

खेल पत्रकार

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