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टी-20 विश्वकप के लिए भारतीय टीम में वरुण चक्रवर्ती और ईशान किशन जैसे युवाओं को शामिल किया है. तो वही टीम प्रबंधन ने इस मेगा इवेंट को लेकर भारतीय पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को मेंटर के रूप में चुना गया है. आईपीएल के समाप्त होने के ठीक बाद टूर्नामेंट का आयोजन यूएई और ओमान में हो रह है. ऐसे में टूर्नामेंट के इए टीम में शामिल कुछ खिलाडियों की फिटनेस और फॉर्म आईपीएल के दौरान ख़ास नही रहा है. जोकि टीम प्रबंधन के लिए एक चिंता की कारण बनी हुई है.

हार्दिक और वरुण की फिटनेस पर सवाल

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सनराईजर्स हैदराबाद के खिलाफ हुए मैच में सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन की शानदार बल्लेबाजी से भारतीय टीम प्रबंधन काफी खुश होंगी. लेकिन हार्दिक और वरुण की फिटनेस अभी भी उनके लिए चिंता का विषय बनी हुई है. हार्दिक ने काफी दिनों से ज्यादा गेंदबाजी नहीं की है. आईपीएल के दूसरे लेग में तो उन्होंने मुंबई के लिए एक भी ओवर की गेंदबाजी नहीं की है. चयनकर्ताओ ने उन्हें टीम में शामिल करते वक़्त कहा था, हार्दिक अपने कोटे के पूरे ओवर करने के लिए तैयार है. तो वही वरुण की फिटनेस भी पिछले काफी समय से अच्छी नही जा रही है. उन्हें फिटनेस के कारण कई बार टीम से बाहर रहना पड़ा है.

महेंद्र सिंह धोनी की भूमिका अहम

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एएनआई से बात करते हुए, डेवलपमेंट से जुड़े एक सूत्र ने बताया, वरुण की फिटनेस उतनी बड़ी चिंता नहीं है. वो एक स्पिन गेंदबाज है और उन्हें केवल अपने कोटे के 4 ओवर डालने है. जिससे स्थिति के हिसाब से निपट लिया जाएगा. लेकिन हार्दिक की फिटनेस एक बहुत बड़ी चिंता की कारण है और इसमें टीम के मेंटर महेंद्र सिंह धोनी की भूमिका काफी अहम हो जायेगी. उन्हें इसको लेकर कप्तान विराट कोहली, रोहित शर्मा और टीम के कोच रवि शास्त्री के साथ बैठकर विचार करना होगा.

धोनी को अपनी शुरुआती दिनों में खिलाडियों की फिटनेस को लेकर जिन मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, वैसे ही दिक्कत का सामना विराट कोहली को भी करना पड़ सकता है. हार्दिक और वरुण दोनों ही एक मैच विनर है. ऐसे में धोनी का पुराना अनुभव यहाँ पर टीम के काफी काम आ सकता है.

हार्दिक के फिटनेस पर देना होगा ध्यान

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हार्दिक पांड्या एक मैच विनर खिलाडी है. वो गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों से मैच का पासा पलटने का क्षमता रखते है. हार्दिक अगर बतौर बल्लेबाज भी टीम में खेलते है तो वो टीम के लिए मैच विनर साबित हो सकते है. लेकिन अगर वो बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी अपना हाथ आजमाते हैं, तो वह टीम के लिए एक प्लस पॉइंट साबित होगा. साथ ही साथ यह टीम के संतुलन में भी काम आएगा.

ऐसे में यहाँ धोनी की भूमिका काफी अहम हो जायेगी. हार्दिक ने धोनी के साथ काफी क्रिकेट खेला है, और धोनी उनकी काबिलियत को अच्छी तरह से जानते हैं. हार्दिक के केस में टीम के फिजियो की भूमिका भी काफी अहम होने वाली है. ये देखना होगा कि वो उनके फिटनेस पर किस तरह से काम करते है.

अनुभवहीन है भारतीय मध्यक्रम

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भारतीय टीम की मध्यक्रम की बात करे. तो टीम के पास सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन जैसे ताबड़तोड़ खिलाडी टीम में शामिल है.जिनका हालिया फॉर्म काफी अच्छा चल रहा है. दोनों ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में कई शानदार पारी खेली है. लेकिन इन दोनों के पास वर्ल्डकप जैसे बड़े टूर्नामेंट का बिलकुल भी अनुभव नहीं है.

ऐसे में हार्दिक पंड्या जैसे खिलाडियों का निचली बल्लेबाजी क्रम में होना युवाओं के लिए फायदेमंद साबित होगा. हार्दिक के बारे में सूत्र ने बताया, सर्जरी के बाद उनकी गेंदबाजी के एक्शन में बदलाव आया है. और उन्हें इसको अपनाने में थोडा समय लगेगा. ये आपको समझने की जरुरत है.