dhoni runout
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क्रिकेट के खेल को भारत में ही नहीं बल्कि विश्वभर में काफी पसंद किया जाता है। इस खेल से प्रशंसक भावात्मक रुप से भी जुड़े होते हैं। खिलाड़ियों को भी आपने कभी क्रिकेट के मैदान पर खुशी से झूमते देखा होगा, तो उनकी नम आंखें भी देखी होंगी।

साल 2021 के शुरुआत के साथ ही एक नए दशक की शुरुआत हुई है। तो आइए बीते दशक के कुछ भावुक पलों को याद करते हैं। जी हां, बीते दशक में कई ऐसे पल रहे जिन्हें देखकर आप खुशी से झूम उठे और भावुक हुए, तो वहीं कुछ पलों ने दिल तोड़ दिया और आपकी आंखें भीग गईं।

इस आर्टिकल में 2011 से 2020 तक के उन पलों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने आपको और हमें ही नहीं बल्कि विश्वभर में लोगों को रुला दिया और जिसे आज भी क्रिकेट फैंस नहीं भूल सके हैं।

  बीते दशक के 5 भावुक पलों को कभी नहीं भूल सकते

1- विश्व कप की जीत के बाद का मनमोहक दृश्य ( 2011 )

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भारतीय क्रिकेट टीम ने 27 साल के लंबे इंतजार के बाद विश्व कप 2011 में फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को हराकर दूसरा एकदिवसीय विश्व कप अपने नाम किया था। इस जीत के बाद पूरे भारत देश में मानो त्यौहार का माहौल बन गया था।

हर कोई पटाखे जलाकर, मिठाई बांटकर इस खुशी को मना रहा था। तो वहीं मैदान पर मौजूद खिलाड़ी क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर को कंधे पर बैठाकर सम्मान देते हुए स्टेडियम में घुमा रहे थे। वह दृष्य आज भी याद करने पर क्रिकेट फैंस भावुक हो उठते हैं।

इस विनिंग मूमेंट के लिए सचिन तेंदुलकर को लैप ऑफ ऑनर नाम के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। वह  पल में सभी भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए दीपावली, होली, ईद, क्रिसमस जैसा था और हर कोई उसे पूरे हर्षोल्लास के साथ सेलिब्रेट कर रहा था।

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