Cheteshwar pujara-IPL

आईपीएल 2021 (IPL 2021) की शुरूआत होने के साथ इस सीजन के 4 मुकाबले खेले जा चुके हैं. बात करें भारतीय टीम के अहम बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar pujara) की तो इन दिनों उन्हें नेट्स पर लंबे-लंबे छक्कों की बरसात करते हुए देखा जा रहा है. ऑक्शन में पूरे 7 साल बाद उन्हें किसी फ्रेंचाइजी ने खरीदा है. तब से लगातार पुजारा नेट पर अभ्यास करते हुए नजर आ रहे हैं. 7 साल बाद आईपीएल में वापसी करने वाले पुजारा को एमएस धोनी की टीम सीएसके ने उनके बेस प्राइस 50 लाख रूपए में खरीदा था.

लेकिन, अब लोगों के दिमाग में इस तरह के सवाल घर कर रहे हैं कि, क्या पुजारा को प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका दिया जाएगा. या फिर पूरे सीजन वो अभ्यास ही करते रहेंगे. ऐसे में हम आपको अपने इस रिपोर्ट के जरिए उन फैक्ट्स के बारे में बताएंगे. जिसके आधार पर आप समझ पाएंगे कि इस सीजन में पुजारा को प्लेइंग इलेवन में देखा जाएगा या नहीं….

शुरूआती मैच में इसलिए पुजारा की प्लेइंग 11 में नहीं बनती दिख रही है जगह

Cheteshwar pujara

आईपीएल 2021 के शुरूआती मैच में चेन्नई टीम की प्लेइंग 11 में चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar pujara) की जगह कहीं से भी बनते हुए नहीं दिख रही है. या यूं कहें कि कप्तान उन्हें शामिल करने का जोखिम शायद उठाना चाहते हैं. वो भी ऐसे समय में जब टीम अपना पहला मैच दिल्ली खिलाफ गंवा चुकी है.

बीते सीजन में भी तीन बार की चैंपियन रह चुकी चेन्नई बेहद खराब प्रदर्शन के चलते प्लेऑफ में भी जगह नहीं बना पाई थी और 12 अंक के साथ 8वें नंबर पर रह गई थी. ऐसे में टीम चेतेश्वर पुजारा के बजाय ऐसे बल्लेबाजों को प्लेइंग 11 में खेलने का मौका देगी, जो लगातार टी-20 का हिस्सा रहे हों. जबकि काफी वक्त से पुजारा सीमित ओवरों के मैच में नहीं खेले हैं.

अनुभव के आधार पर पुजारा से पहले ये खिलाड़ी रखते हैं प्लेइंग 11 में शामिल होने का हक

photo 2021 04 13 13 19 02

इस बात से चेन्नई ही नहीं बल्कि हर कोई वाकिफ है कि, चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar pujara) को आईपीएल टूर्नामेंट में खेले एक लंबा वक्त बीत चुका है. 2014 में पंजाब की तरफ से पुजारा ने मुंबई के खिलाफ इस लीग का आखिरी मैच खेला था. उन्होंने अब तक कुल 5 ही सीजन खेले हैं. 5 सीजन में पुजारा ने 30 मैच में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 390 रन बनाए हैं. उनका बल्लेबाजी औसत बेहद खराब रहा है. जबकि चेन्नई के बाकी खिलाड़ियों के आईपीएल करियर को देखें तो उन्हें पुजारा के मुकाबले ज्यादा अनुभव है और उनसे ज्यादा मैच भी खेले हैं.

सीएसके टीम में इसके एक बड़ा उदाहरण रॉबिन उथप्पा भी हैं. जिन्हें इस साल चेन्नई ट्रेड के जरिए अपनी टीम में शामिल किया है. साल 2008 से लेकर अब तक उथप्पा इस लीग का हिस्सा रहे हैं. उन्होंने कुल 198 मैच में खेलते हुए 4,607 रन बनाए हैं. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि अंबाती रायुडू और जगदीशन जैसे खिलाड़ी पुजारा से ज्यादा प्लेइंग इलेवन में शामिल होने के हकदार हैं.

बाकी खिलाड़ियों के प्रदर्शन के मुताबिक ही पुजारा सीएसके की प्लेइंग 11 में बना सकते हैं जगह

photo 2021 04 13 13 18 48

आईपीएल 2021 के शुरूआत मैच में ही चेन्नई सुपर किंग्स को दिल्ली के हाथो करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है. ऐसे में टीम का मुख्य फोकस जीत के साथ इस सीजन में खाता खोलना होगा. इसके बाद किसी भी तरह से इस साल सीएसके अच्छा प्रदर्शन करके प्लेऑफ में खुद की मौजूदगी देखना चाहेगी. यदि ऐसा करने में टीम को सफलता हिसाल होती है तो और प्लेऑफ में जगह बनाने में कामयाब रहती है.

तो चेतेश्वर पुजारा को आखिरी के कुछ मुकाबले में चेन्नई मौका देने के बारे में सोच सकती है. ताकि किसी हालात में यदि टीम हार भी जाए तो उसे प्वाइंट टेबल में नुकसान न पहुंचे. इसके साथ ही दूसरे तर्ज पर पुजारा को मैनेजमेंट तब जगह दे सकती है, जब उथप्पा और रायडू जैसे बल्लेबाज खास प्रदर्शन दिखाने में नाकाम साबित हों.

किन जगहों पर पुजारा का बल्ला पड़ जाता है कमजोर

photo 2021 04 13 13 22 09

चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar pujara) की कमजोरी की बात करें तो, वो बाकी खिलाड़ियों के मुकाबले लंबे शॉट्स खेलने में मार खा जाते हैं. इस बात को खुद उन्होंने माना है. कुछ ही दिन पहले पुजारा ने एक बयान के दौरान कहा था कि, वो इस साल विराट कोहली और रोहित शर्मा से लंबे और बड़े शॉट्स खेलना सीख रहे हैं. टी-20 क्रिकेट में उनका बल्लेबाजी औसत बेहद खराब रहा है.

इन तथ्यों के आधार पर यह कहना मुश्किल नहीं है कि, आईपीएल के इस सीजन में पुजारा को प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए कई तरह की परीक्षाओं से गुजरना पड़ सकता है. क्योंकि कोरोना के चलते इस साल हर टीम को एक ही मैदान पर कम से कम 5 मुकाबले खेलने हैं. पूरे सीजन के लिए सिर्फ 6 स्टेडियम फाइनल किए गए हैं. ऐसे में एक ही मैदान पर लगातार कई मुकाबले होने के चलते  पिच में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलता है. ऐसे में बल्लेबाजे के लिए दिक्कतें और बढ़ जाती हैं.