chahal t20 ap 1

कोरोना वायरस के चलते पूरी दुनिया में इस वक्त लोग अपने-अपने घरों में कैद हैं. इसके चलते लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. दुनियाभर के क्रिकेट कार्यक्रम फिलहाल के लिए ठप्प हैं, मगर जब दोबारा क्रिकेट कार्यक्रम शुरु होंगे, तो आईसीसी गेंदबाजों द्वारा सलाइवा से गेंद चमकाने पर रोक लगाने का विचार कर रही है. अब ऐसे में टीम इंडिया के स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल ने आईसीसी को बल्लेबाजों पर एक मजेदार नियम लागू करने की बात कही है.

बल्लेबाजों पर लागू किया जाए बचपन वाला नियम

कोरोना वायरस

भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल अपनी स्पिन गेंदबाजी के साथ-साथ अपने मजाकिया व्यवहार के लिए भी जाने जाते हैं. अब जबकि आईसीसी संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सलाइवा के इस्तेमाल पर रोक लगाने का विचार कर रही है, तो चहल ने आईसीसी को एक मजेदार सुझाव दिया है. चहल ने स्पोर्ट्स तक से बात करते हुए कहा,

गेंद पर लार का इस्तेमाल ना करने से स्विंग पर फर्क पड़ेगा. अंत में बल्लेबाजों को ही इसका फायदा मिलेगा. इसलिए एक और नियम को जोड़ देना चाहिए कि अगर बल्लेबाज छक्का जड़े तो वो खुद जाकर स्टैंड्स से गेंद उठाकर लाए.

क्यों लगा सकती है सलाइवा के इस्तेमाल पर रोक?

दुनियाभर में पांव पासर चुके कोरोना वायरस अब तक लाखों लोगों की जान ले चुका है और अभी तक इसकी वैक्सीन तैयार नहीं हुई है. ऐसे में सभी देशों की सरकारें अपने-अपने देशवासियों से घरों में रहने का अनुरोध कर रही हैं, भारत जैसे तमाम देशों में तो लॉकडाउन की स्थिति है.

माइकल क्लार्क ने उठाया सवाल

कोरोना वायरस

आईसीसी द्वारा सलाइवा के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने के विचार से कई क्रिकेट दिग्गज सहमत नहीं हैं. उनका मानना है कि इससे गेंदबाजों को काफी अधिक समस्या हो सकती है. इसी क्रम में हाल ही में पूर्व वेस्टइंडीज दिग्गज माइकल होल्डिंग ने आईसीसी पर सवाल उठाते हुए कहा,

कि आईसीसी के मुताबिक क्रिकेट शुरू होने से पहले खिलाड़ियों को 14 दिनों तक अलग रहना होगा. उन्होंने सवाल उठाया जब खिलाड़ी इसे पूरा कर लेंगे तब लार का इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकते?

अगर दो सप्ताह अलग रहने के बाद भी किसी के स्वास्थ्य पर सवाल उठता है तो आप ऐसी स्थिति में क्रिकेट कैसे खेलेंगे. इसका यह मतलब होगा कि आप सबको खतरे में डाल रहे हैं.