विल पुकोवस्की

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की रफ्तार भरी और सटीक लाइन-लेंथ वाली गेंदों का सामना करना किसी भी विपक्षी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता। अब ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज विल पुकोवस्की ने खुद खुलासा किया है कि आखिर उन्होंने किस तरह जसप्रीत बुमराह का सामना किया।

प्लेस्टेशन गेम रहा हूं खेल

विल पुकोवस्की

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज विल पुकोवस्की ने सिडनी टेस्ट मैच में डेब्यू किया था और पहले ही मैच में उनका सामना मौजूदा विश्व क्रिकेट के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में से एक जसप्रीत बुमराह से हुआ। हालांकि पुकोवस्की अपनी टीम के लिए पहले मैच की पहली पारी में 62 व दूसरी पारी में 10 रन बनाकर आउट हुए थे और इंजरी के चलते वह गाबा टेस्ट में नहीं खेल सके थे। अब पुकोवस्की ने खुलासा किया है कि जब वह बुमराह का सामना कर रहे थे, उन्हें ऐसा लग रहा था कि वह प्लेस्टेशन गेम खेल रहे हैं। उन्होंने कहा,

“मुझे वास्तव में ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं कोई प्लेस्टेशन गेम खेल रहा हूं। ये इंटरनेशनल क्रिकेट 2011 या फिर प्लेस्टेशन जैसा लग रहा था। मुझे अभी भी याद है जब ये गेम आया था तब मैंने बीमारी का बहाना बनाकर स्कूल से छुट्टी ले ली थी।”

प्लेस्टेशन गेम ने की मेरी मदद

जसप्रीत बुमराह का सामना करने में बड़े-बड़े बल्लेबाजों के पसीने छूट जाते हैं। ऐसे में अपना डेब्यू मैच खेलने उतरे विल पुकोवस्की ने बुमराह जैसे खतरनाक गेंदबाज को बिना मुश्किल के खेलकर सभी को हैरान कर दिया था। मगर अब उन्होंने खुलासा किया है कि प्लेस्टेशन गेम ने इसमें उनकी मदद की। उन्होंने कहा,

“उस वक्त मुझे शेन वॉटसन काफी पसंद थे। जब भी वॉटसन बैटिंग करते थे तो ये एशेज ही होता था। मैंने इससे पहले सिडनी में कोई बड़ा मैच नहीं खेला था। हालांकि मैंने यहां पर प्लेस्टेशन गेम जरुर खेला था। जब मैं बुमराह के खिलाफ खेलने उतरा तो उस गेम से मुझे काफी मदद हुई।”

विल पुकोवस्की को आई थी कंधे में चोट

विल पुकोवस्की

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने भारत के साथ खेली टेस्ट सीरीज के शुरुआती दो टेस्ट मैचों में अपनी ओपनिंग जोड़ी के साथ काफी संघर्ष किया। इसके बाद सिडनी टेस्ट में डेविड वॉर्नर व युवा बल्लेबाज विल पुकोवस्की ने पारी का आगाज किया।

जहां, पुकोवस्की पहले मैच में 72 रन बनाने में कामयाब रहे। लेकिन सिडनी टेस्ट के दौरान जब वह फील्डिंग कर रहे थे तब भारतीय पारी के 86वें ओवर में उन्होंने गेंद को डाइव लगाकर रोका। इसके बाद वह कुछ देर कंधा पकड़कर बैठ गए थे और गाबा टेस्ट में चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे।