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Ben Stokes: भारतीय महिला क्रिकेट टीम और इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम के बीच 24 सितंबर को लॉर्ड्स में 3 मैचों की वनडे सीरीज़ का आखिरी मुकाबला खेला गया. जिसमें भारत ने 16 रन से जीत दर्ज कर 3-0 से इंग्लैंड को उनकी सरज़मीं पर ही क्लीन स्वीप कर दिया.

हालांकि मैच के दौरान भारत की ऑफ़ स्पिनर दीप्ति शर्मा ने चार्ली डीन को मांकडिंग के ज़रिए आउट किया था. जिसके बाद बवाल मच गया. कई इंग्लिश खिलाड़ी इसमें चार्ली डीन का समर्थन कर रहे हैं, बल्कि कई दीप्ति शर्मा का. ऐसे में अब ट्विटर पर इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर और टेस्ट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स (Ben Stokes) और मशहूर भारतीय कॉमेंटेटर हर्षा भोगले के बीच भी इस मामले को लेकर बहस छिड़ गई है.

Ben Stokes और हर्षा भोगले आए आमने-सामने

Ben Stokes-Harsha Bhogle

इंग्लिश खिलाड़ी बेन स्टोक्स (Ben Stokes) और भारतीय कॉमेंटेटर हर्षा भोगले के बीच 30 सितंबर शुक्रवार को सोशल मीडिया के सबसे चर्चित प्लेटफॉर्म ट्विटर पर मांकडिंग को लेकर काफी ज़्यादा बहस होती हुई दिखी. दरअसल, इसकी शुरुआत तब हुई जब हर्षा भोगले ने दीप्ति शर्मा द्वारा की गई मांकडिंग पर अपने विचार रखे.

हर्षा ने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए इंग्लैंड खिलाड़ियों की सोच और उनकी परवरिश पर निशाना साधा था. साथ ही उन्होंने इंग्लैंड के कल्चर पर भी सवाल उठाए थे. भोगले का यह ट्वीट बेन स्टोक्स को एक नज़र नहीं भाया और उन्होंने भारतीय कॉमेंटेटर को इसका करारा जवाब दिया.

बेन स्टोक्स ने हर्षा को दिया करारा जवाब

Ben Stokes to Harsha Bhogle

इंग्लैंड क्रिकेट टीम के अनुभवी ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने ट्विटर पर हर्षा भोगले को जवाब देते हुए कहा कि मांकडिंग की बात में आप कल्चर को शामिल कर रहे हैं. बेन स्टोक्स (Ben Stokes) ने ट्वीट करते हुए लिखा कि,

“वनडे वर्ल्ड कप 2019 को 2 साल से ज्यादा का वक्त हो गया है, लेकिन लोग मुझे अभी तक मैसेज करते हैं। इंडियन फैंस भी मुझे काफी मैसेज करते हैं, क्या इससे आपको दिक्कत होती है? क्या ये कल्चर से जुड़ी बातें हैं… जी नहीं. दुनियाभर से मुझे ओवरथ्रो के लिए मैसेज आते हैं, इसी तरह लोग मांकडिंग को लेकर दुनियाभर से मुझे मैसेज कर रहे हैं, क्या सिर्फ इंग्लिश लोग ही ऐसा करते हैं.”

इसके बाद यह बहस यहीं तक सीमित नहीं रही बल्कि हर्षा भोगले ने भी बेन स्टोक्स पर पलटवार करते हुए ज़बरदस्त जवाब दिया. बहरहाल, इस मुद्दे पर जितनी चर्चा की जाए उतनी कम है. लेकिन अगर आईसीसी के नियमों के मुताबिक देखा जाए तो दीप्ति शर्मा ने जो किया, वह बिल्कुल उचित था.