BCCI to Save 1500 Crore After ICC Agrees to Bear Tax Burden
BCCI to Save 1500 Crore After ICC Agrees to Bear Tax Burden

आईसीसी (ICC) 2024 से 2031 के बीच 8 बड़े टूर्नामेंट के आयोजन की तैयारी में है. इससे बीसीसीआई (BCCI) को भी काफी फायदे की उम्मीद है. इस 8 इवेंट में से 3 टूर्नामेंट की मेजबानी भारत को सौंपी गई है. साल 2026 का टी20 वर्ल्ड कप, 2029 की चैंपियंस ट्रॉफी और 2031 का वनडे वर्ल्ड कप भारत में ही आयोजित होगा. इसकी जानकारी खुद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने दी है. इन 3 बड़े इवेंट से बीसीसीआई (BCCI) को कितना फायदा होगा इसके बारे में भी आपतो बता देते हैं.

आईसीसी के इस फैसले से बोर्ड को 1500 करोड़ का होगा फायदा

BCCI-ICC

दरअसल भारतीय बोर्ड को आईसीसी ने इन 3 इवेंट की मेजबानी देकर बड़ी राहत दी है. इसी के साथ ही ICC  हर टूर्नामेंट के लिए भारत सरकार को 10 फीसदी टैक्स देने पर राजी भी हो गई है. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल के इस फैसले से बोर्ड को 1500 करोड़ रुपये (200 मिलियन डॉलर) की बचत होगी. फिलहाल बीसीसीआई (BCCI) पहले से ही 2016 टी20 वर्ल्ड कप और 2023 वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी के लिए 750 करोड़ रुपये का नुकसान भुगतने के लिए तैयार है.

इस नुकसान में और इजाफा हो सकता था यदि टी20 विश्व कप 2021 को भारत से बाहर यूएई में नहीं शिफ्ट किया जाता. टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से आ रही एक रिपोर्ट की माने तो भारतीय बोर्ड को छोड़कर दूसरे देशों के क्रिकेट बोर्ड को अपनी-अपनी सरकार से टैक्स छूट का लाभ मिलता है. वहीं बीसीसीआई को टैक्स छूट नहीं मिलने पर काफी ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.

आईसीसी को उठाना चाहिए नुकसान

BCCI to Save 1500 Crore

हाल ही में बीसीसीआई (BCCI) के एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा,

“हर दूसरे क्रिकेट बोर्ड को उनकी सरकार से टैक्स में छूट मिलती है. लेकिन, बोर्ड ऐसी उम्मीदें नहीं कर सकता कि केंद्र सरकार हमारे लिए अपने कानूनों में बदलाव करेगी. इसलिए सभी सदस्यों ने ये माना है कि आईसीसी को नुकसान उठाना चाहिए. वैसे भी भारतीय बोर्ड भारत में कार्यक्रमों की मेजबानी करके सबसे ज्यादा राजस्व निकालता है. ऐसे में बोर्ड को आईसीसी के रेवेन्यू पूल से किसी तरह की कटौती की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा.”

बोर्ड नहीं देगा आईपीएल से कमाई पर टैक्स

IPL income-Tax

2 दिन पहले ही बीससीसीआई (BCCI) को टैक्स विभाग के खिलाफ एक कानूनी लड़ाई में जीत हासिल हुई थी. इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्युनल (ITAT) ने बोर्ड की ओर से दी गई दलीलों को सही मानते हुए उन्हीं के पक्ष में फैसला सुनाया था. जस्टिस का कहना था कि भले ही वह आईपीएल (IPL) के जरिए कमाई कर रहा है लेकिन, उनका उद्देश्य  क्रिकेट को बढ़ावा देना है. इसलिए इस टूर्नामेंट से हुई कमाई को इनकम टैक्स छूट के दायरे से बाहर रखा जाएगा.