एक बेहद ही लम्बे समय से चला आ रहा भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच का सस्पेंस आख़िरकार समाप्त हुआ. मंगलवार, 11 जुलाई को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड {बीसीसीआई} द्वारा टीम इंडिया के नये मुख्य कोच के नाम का ऐलान कर दिया गया. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड {बीसीसीआई} ने टीम इंडिया के पूर्व डायरेक्टर और पूर्व टीम मैनेजर रवि शास्त्री को भारतीय क्रिकेट टीम का नया बॉस, टीम का नया हेड कोच बना दिया गया.

14वें कोच बने रवि शास्त्री 

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55 वर्षीय रवि शास्त्री भारतीय क्रिकेट टीम के 14 वें मुख्य कोच बनाये गये हैं. इससे पहले रवि शास्त्री पहले कभी भारतीय क्रिकेट टीम के कोच नहीं रहे थे. रवि शास्त्री को कोच बनाये जाने के साथ ही बीसीसीआई ने टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाजों में शुमार राहुल द्रविड़ और पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज़ ज़हीर खान को टीम इंडिया में एक नई जिम्मेदारी सौंपी.

बीसीसीआई द्वारा राहुल द्रविड़ को विदेशी दौरों के लिए बैटिंग कोच और ज़हीर खान को टीम के साथ एक गेंदबाज़ी कोच के रूप में जोड़ा गया हैं. राहुल द्रविड़ और ज़हीर खान को भारतीय टीम के साथ जोड़ने का फैसला क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (सीएसी) के सदस्य सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवी एस लक्षमण का था और बीसीसीआई ने भी इसका समर्थन करते हुए सीएसी के फैसला को सही माना और राहुल द्रविड़ और ज़हीर खान को टीम इंडिया के साथ जोड़ दिया.

लेकिन अब शुरू हुआ घमासान 

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मगर जब से राहुल द्रविड़ और ज़हीर खान को टीम इंडिया के साथ एक सपोर्टिंग स्टाफ के रूप में जोड़ा गया हैं, तब से लेकर अब तक सपोर्टिंग स्टाफ को लेकर लगातार घमासान जारी हैं. दरअसल कुछ इस तरह की बातें सभी के सामने आ रही हैं, कि टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री यह नहीं चाहते थे, कि राहुल द्रविड़ और ज़हीर खान को टीम इंडिया के साथ जोड़ा जाए. यही नहीं जब से स्पोर्टिंग स्टाफ के चयन को लेकर घमासान शुरू हुए हैं, तब से मीडिया में ना जाने किसी किसी प्रकार के बयान सामने आ रहे हैं.

क्या हैं असल मुद्दा 

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क्रिकेट सलाहाकर समिति (सीएसी) द्वारा सभी कोचों की नियुक्ति पर प्रशासनिक समिति (सीओए) ने अपने कई सवाल खड़े किये हैं. प्रशासनिक समिति (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय ने अपने द्वारा दिए गये एक बयान में ऐसा कहा हैं, कि

सीएसी का काम केवल मुख्य कोच को चुनना था, ना कि सपोर्ट स्टाफ को चुनना. सीएसी ने अपने अधिकारी क्षेत्र से बाहर जाकर सपोर्ट स्टाफ का चयन किया हैं.”

बीसीसीआई ने जारी किया फरमान 

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इस सभी चर्चाः के बीच बीसीसीआई ने अपना एक नया बयान जारी कर दिया हैं. बीसीसीआई ने इस बात को साफ़ कर दिया हैं, कि सपोर्ट स्टाफ के मुद्दे पर टीम इंडिया और कोच रवि शास्त्री के कहने पर ही निर्णय लिया जायेंगा. गुरूवार, 13 जुलाई को बीसीसीआई द्वारा एक प्रेस रिलीज़ जारी की और इस प्रेस रिलीज़ में कंसल्टेंट के तौर पर राहुल द्रविड़ और ज़हीर खान के नाम नहीं हैं.

भरत अरुण को चाहते थे रवि 

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कुछ इस तरह की ख़बरें भी मीडिया में लगातार आ रही हैं, कि रवि शास्त्री भारतीय टीम ने टीम गेंदबाज़ी कोच के रूप में भरत अरुण को टीम के साथ रखना चाहते थे. आपकी जानकारी के लिए बता दे, कि जब रवि शास्त्री को टीम इंडिया के साथ एक डायरेक्टर के रूप में जोड़ा गया था, तब पहली बार भरत अरुण को टीम इंडिया का बोलिंग कोच बनाया गया था और हम सभी जानते हैं, कि भरत अरुण और रवि शास्त्री के संबंध बहुत ही अच्छे रहे हैं. ख़ैर कुछ ही दिनों में यह बात बिलकुल साफ़ हो जाएँगी, कि राहुल द्रविड़ और ज़हीर खान भारतीय टीम के साथ जुड़े रहेंगे या सपोर्टिंग स्टाफ में कुछ परिवर्तन देखने को मिलेंगा.

AKHIL GUPTA

क्रिकेट...क्रिकेट...क्रिकेट...इस नाम के अलावा मुझे और कुछ पता नहीं हैं. बस क्रिकेट...

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