भारतीय क्रिकेट में कोच को लेकर मची कलह ने खूब सुर्खियाँ बटोरी. अनिल कुंबले ने जैसे ही इस्तीफ़ा दिया. उसके बाद आरोप और प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया. अब बीसीसीआई  के सामने कोच को ढूढने की चुनौती थी. तो उसने कोच पद के लिए आवेदन मंगाया. जिसमे कई पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने आवेदन किया. लेकिन अंत में कोच को चुनने के लिए बनाई गयी क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी यानी ( सीधे शब्दों में कहा जाए तो सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण ) द्वारा रवि शाश्त्री को कोच पद के लिए चुना गया साथ ही कमेटी ने सपोर्ट स्टाफ भी चुन लिया. जिसपर काफी विवाद हुआ और रवि शात्री कोप भवन होते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेटर (सीओए ) चले गये और अंत में वह जीत कर ही माने.

मैनेजर पद में नही हुआ विवाद-

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इस विवाद के बाद बीसीसीआई ने फूंक फूंक कर कदम रखे. और पहले से ही गाइडलाइन बना दी. जिसके मुताबिक़ केवल वही व्यक्ति कोच पद के लिए आवेदन कर सकता है जो प्रथम श्रेणी या अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला हो. इस नियम ने पहले ही कई लोगों को लाइन से बाहर निकाल फेका. इसके बाद भारतीय टीम के मैनेजर के लिए तमिलनाडु के पूर्व लेफ्ट आर्म स्पिनर सुब्रमण्यम को चुना गया, जो भारतीय टीम श्रीलंका के साथ होने वाले दूसरे टेस्ट से पहले जुड़ेंगे. उनका कार्यकाल एक साल का होगा.

आखिर कौन हैं ये सुब्रमण्यम –

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सुनील सुब्रमण्यम भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर आर अश्विन के बचपन के कोच भी रह चुके हैं. जानकारी के मुताबिक सुब्रमण्यम श्रीलंका में चल रहे टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच से टीम से जुड़ जाएंगे. सुब्रमण्यम के क्रिकेट करियर की बात करे तो उन्होंने तमिलनाडू के लिए 74 मैच खेले थे, जिनमें 285 विकेट लिए थे और 1096 रन भी बनाए थे.

इसके अलावा सुब्रमण्यम के पास 16 साल से अधिक समय तक सार्वजनिक और निजी संगठनों में प्रबंधन और प्रशासनिक क्षेत्र में काम करने का अनुभव है. सुब्रमण्यम को एक ऐसे कोच के तौर पर जाना जाता है, जिन्होंने अश्विन को ऑफ स्पिन गेंदबाजी का गुर सिखाया है. वो रणजी ट्रॉफी में तमिलनाडु टीम की कप्तानी कर चुके हैं साथ ही नेशनल क्रिकेट एकेडमी (एनसीए) की तरफ से प्रमाणित कोच भी हैं.

चर्चा हुई पर चयन से वंचित-

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दिलचस्प बात यह है कि बीसीसीआई ने मौजूदा भारत ए और भारत अंडर -19 टीमों के मैनेजरों की नियुक्ति के खिलाफ फैसला लिया. “एक समय पर अरमान मलिक को भारत ए मैनेजर नियुक्त करने की चर्चा थी.और इंडिया अंडर -19 मैनेजर का चयन प्रकाश भट्ट और शंकर सैनी के बीच था. बीसीसीआई के नए नियम के फेरे में फँस कर अरमान मलिक बाहर हो गये, क्योंकि उन्होंने आज तक एक भी मैच नही खेला है. 

अब बीसीसीआई ने फैसला किया है कि भारत की अंडर 19 और भारत A के लिए पूरे समय के लिए कोच नही नियुक्त किया जाएगा. क्योंकि इन टीमों को अंतर्राष्ट्रीय टीम के जितने दौरे नही करने हैं. इन टीमों के लिए जब भी मैनेजर की जरूरत होगी. तो उस समय के लिए मैनेजर नियुक्त करा दिया जाएगा .

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