ICC new rules includes Bat dimension restrictions player send offs and changes in DRS

क्रिकेट के दुनिया में कैसे कई सितारे आयें हैं. जो शुरुआत में बहुत बेहतर नहीं कर पायें लेकिन कुछ समय उन्होंने अपनी लय पकड़ी और फिर कभी पीछे मुड़कर ही नहीं देखा. जिसके लिए उन्हें फिर टीम में मदद करने के लिए मिला. जिससे वो बहुत ज्यादा आगे बढे.

कप्तान की भूमिका कुछ समय में सही रूप से आमने आती है. 2 ऐसे मध्यक्रम के प्रतिभाशाली बल्लेबाज जो अच्छा करने में लगातार सफल नहीं हो रहे थे. लेकिन फिर कप्तान ने उन खिलाड़ियों को सलामी बल्लेबाज बनने का मौका दिया. फिर इन खिलाड़ियों ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

आज हम आपको उन 2 दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के बारें में बताएँगे. जिन्होंने बस अपने खेलने का स्थान बदल दिया और उसके बाद वो पूरी तरह से अलग बल्लेबाज के रूप में नजर आने लगे. इन दोनों खिलाड़ियों ने कई कीर्तिमान भी ऐसे रच दिए, जहाँ तक पहुँचने के बारें में बहुत ज्यादा सोचना पड़ेगा.

1. वीरेन्द्र सहवाग

आक्रामक सलामी बल्लेबाजी करने की बात जब भी आती है तो सबसे पहला नाम लिस्ट में वीरेन्द्र सहवाग का नाम नजर आता है. करियर के शुरुआत में वीरेन्द्र सहवाग भारतीय टीम के लिए मध्यक्रम में खेलते हुए नजर आते थे. लेकिन फिर वो सलामी बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतरें.

वीरेन्द्र सहवाग ने भारतीय टीम के लिए 104 टेस्ट मैच में 8586 रन बनाये और 40 विकेट लिए. जबकि एकदिवसीय फ़ॉर्मेट में 251 मैच खेलकर 8273 रन बनाये और 96 विकेट हासिल किया. टी20 फ़ॉर्मेट में उन्होंने 19 मैच खेलकर 394 रन जोड़े थे. जहाँ पर स्ट्राइक रेट 145.39 का रहा.

सहवाग ने जब सलामी बल्लेबाजी की तो वो अलग अंदाज मुकाम में पहुंच जाएँ. विश्व क्रिकेट में उनकी पहचान एक मैच विनर खिलाड़ी के रूप में होती है. यदि वो कुछ समय और मध्यक्रम में खेलते तो आज विश्व क्रिकेट में सहवाग इतना बड़ा नाम शायद ही होते. वो गुमनामी में भी जा सकते थे.

2. रोहित शर्मा

रोहित शर्मा

एक और भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा की कहानी भी कुछ इसी तरह की है. 2007 से लेकर 2013 तक रोहित शर्मा ने भारतीय टीम के लिए मध्यक्रम में खेलते हुए नजर आते थे. लेकिन फिर वो 2013 से सलामी बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतरें.

रोहित शर्मा ने भारतीय टीम के लिए 32 टेस्ट मैच में 46.54 के अच्छे औसत से 2141 रन बनाये हैं. 224 एकदिवसीय मैच में उन्होंने 49.27 के औसत से 9115 रन बनाये हैं. इस बीच 3 तिहरा शतक भी बनाया है. टी20 फ़ॉर्मेट में 108 मैच खेले और इस फ़ॉर्मेट में 2773 रन बनाये हैं.

हिटमैन के नाम से मशहूर रोहित शर्मा ने जब सलामी बल्लेबाजी की तो वो अलग अंदाज मुकाम में पहुंच जाएँ. विश्व क्रिकेट में उनकी पहचान एक मैच विनर खिलाड़ी के रूप में होती है. यदि वो कुछ समय और मध्यक्रम में खेलते तो आज विश्व क्रिकेट में रोहित इतना बड़ा नाम शायद ही होते. वो गुमनामी में भी जा सकते थे.