आश्विन

आगामी 9 अगस्त से भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा टेस्ट शुरू होने को है। यह मुकाबला इंग्लैंड के लॉर्ड्स में खेला जाएगा। इस टेस्ट श्रृंखला में आने से पहले रविचंद्रन अश्विन पर तलवार लटक रही थी। एक तो विदेशी मैदानों पर उनका टेस्ट रिकॉर्ड कुछ नहीं था और दूसरी बात रिस्ट स्पिनर कुलदीप यादव लय में थे।

अश्विन
Pic credit : getty images

लेकिन कप्तान विराट कोहली बर्मिंघम टेस्ट में अनुभवी अश्विन के साथ मैदान में उतरे। पहले इनिंग में 4 विकेट झटके और दूसरी पारी में 3 विकेट। बाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए अश्विन खतरनाक साबित हुए और बाएं हाथ को शिकार बनाने की सूची में सबसे ऊपर आ गए। सबसे मजेदार बात थी कि एक जैसी गेंद फेंक अश्विन ने इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज कुक को दोनों इनिंग में शानदार बोल्ड किया।

Pic credit : getty images

पहले टेस्ट मुकाबले में अश्विन ने कुल 7/110 के साथ खुद की काबिलियत एक बेहतरीन स्पिनर के तौर पर भारत से बाहर भी साबित कर दिया। लेकिन यह सब कुछ साल 2017-18 में उनकी मेहनत की वजह से हैं। पिछले साल उन्होंने इंग्लैंड की काउंटी टीम वुरसेस्टरशायर के लिए खेला था।

वुरसेस्टरशायर केे लिए खेलते हुए सीखा ड्यूक बॉल से गेंदबाजी

Pic credit: getty images

अश्विन ने कहा “इसमें कोई दो राय नहीं कि मैंने वुरसेस्टरशायर के लिए खेल काफी कुछ सीखा है। मैंने सिर्फ गेंदबाजी स्किल्स ही नहीं बल्कि खेल को पढ़ना भी सीखा है। ड्यूक बॉल पहले 40 ओवरों में क्या करती है इसे भी मैंने समझा हैं। यह सब हैं जो मैंने एक स्पिनर के तौर पर यहाँ सीखा हैं। मुझे लगता हैं कि यह गेंद बिल्कुल कूकाबुरा और एस जी की गेंदों से अलग हैं।”

अश्विन ने यह भी कहा “पिछले साल वुरसेस्टरशायर के लिए खेलते हुए मैंने यह देखा था कि ड्यूक बॉल गेंद फेकते समय हाथ से फिसल जाती हैं। इसलिए मेरे ध्यान में था कि उंगलियों के बीच कितना गैप रख मुझे गेंद पकड़नी है और मुझे स्टंप्स के कितने करीब से गेंद डालनी है।”