भारतीय क्रिकेट के रोजर फेडरर, आशीष नेहरा के साथ भारतीय क्रिकेट के एक काल का भी अंत हो गया. उन्होंने 38 साल की उम्र में भारत के लिए 18 साल तक क्रिकेट खेलते हुए संन्यास ले लिया. उन्हें भारतीय टीम का कम बैक किंग भी कहा जाता है. उन्होंने अपने जीवन काल में कई गंभीर चोंटों का सामना किया.

इस दौरान उनकी 12 बार सर्जरी हुईं. मगर उन्होंने इन चोटों से लड़ते हुए कई बार टीम में वापसी की. उनका सम्मान इतना था कि सभी खिलाड़ी उन्हें नेहरा जी बुलाते थे.

डेथ ओवर स्पेशलिस्ट आशीष नेहरा ने अपने आखिरी मैच में भी पारी का पहला और आखिरी ओवर डाला. उनकी गेंदबाजी से कहीं भी यह नही लग ढ़हा था कि यह उनका आखिरी मैच है. उन्होंने 4 ओवर के स्पेल में 29 रन दिये. हालांकि, उन्हें कोई विकेट नही मिला. लेकिन दो ऐसे  मौके आए जब उन्हें विकेट मिल सकता था.

इस मैच में नेहरा ने न केवल अपनी गेंदबाजी से दिल जीता बल्कि, अपनी फील्डिंग से भी दिल जीत लिया. जिसके बाद सभी खिलाड़ी ताली बजाने लगे.

पैर लगाते ही गेंद हाँथ में-

आशीष नेहरा का यह भले ही आखिरी  मैच था, मगर नेहरा ने इस मैच को बिलकुल भी औपचारिक तौर पर नही लिया. उन्होंने शानदार गेंदबाजी की और फील्डिंग भी.

न्यूज़ीलैण्ड की पारी के दौरान एक ऐसा मौका आया जब आशीष नेहरा ने अपनी गजब की फिटनेस और इतने सालों के क्रिकेट का तजुर्बा पेश किया.

दरअसल, यजुवेन्द्र चहल गेंदबाजी कर रहे थे. इसी दौरान न्यूज़ीलैण्ड के एक बल्लेबाज ने एक शॉट विकेट के पीछे की ओर खेल दिया. गेंद तेजी से सीमा रेखा की ओर जा रही थी. इसी दौरान बाउंड्री के पास फील्डिंग कर रहे आशीष नेहरा ने दौड़ते हुए गेंद को पैर से रोक दिया.

कोहली से लेकर धोनी तक सभी पड़ गये हैरत में-

आशीष नेहरा ने जिस तरह से गेंद रोक कर वापस थ्रो किया, अमूमन वह क्रिकेट में देखा नहीं जाता, उन्होंने पैर से रोकते ही गेंद सीधे हाँथ पर ले ली. इसके बाद दूर खड़े कोहली भी आश्चर्यचकित रह गये और देख कर ताली बजाने लगे. इसके आलावा चहल और धोनी भी ताली बजाने लगे.

खेल पत्रकार

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