विश्व कप 2019 के बाद से ऋषभ पन्त को टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के विकल्प के रूप में देखा जा रहा था. इतना ही धोनी की गैरमौजूदगी में वह ऋषभ पंत ही थे, जिन्हें हर एक मैच खेलते भी देखा गया. हां, यह बात अलग है कि ऋषभ पंत इस मौके को सही तरीके से बुनाने में असफल रहे, लेकिन जब वह धीरे धीरे करके अपनी ले हासिल कर रहे थे, तभी उन्हें टीम की अंतिम ग्यारह से ड्रॉप कर दिया गया.

साल की शुरुआत में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एकदिवसीय श्रृंखला खेली गयी थी. जहां ऋषभ पंत को पैट कमिंस की एक बाउंसर के चलते चोटिल होना पड़ा और उसके बाद बतौर विकेटकीपर टीम में केएल राहुल खेलते नजर आये.

नेहरा जी ने की आलोचना

हाल में ही टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने ऋषभ पंत को ठीक से नहीं संभालने के लिए टीम मैनेजमेंट को लताड़ा है. भारत के पूर्व टेस्ट सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा से खास बातचीत के दौरान नेहरा जी ने पंत के ऊपर बात करते हुए कहा,

‘’इस बात में कोई शक नहीं है कि ऋषभ पंत ने अपना मौका गवां दिया है, लेकिन उनको टीम में इसलिए बरकरार रखा हुआ है कि वह अभी मात्र 22-23 साल के ही हैं.’’

आशीष नेहरा ने आगे कहा, ‘’इस बात में कोई शक नहीं है कि देश में काफी सारे युवा खिलाड़ी है और उनको लंबे समय तक टीम में मौका भी मिलेंगा. आज हम देखे है कि नंबर 5 पर केएल राहुल खेल रहे है ऐसे में ऋषभ पंत का क्या… यह वही पंत है जिन्हें आप एमएस धोनी के विकल्प के रुप में तैयार कर रहे थे, लेकिन आज वह टीम के साथी खिलाड़ियों को पानी पिलाने का काम कर रहे हैं.’’

आगे जा सकते है पन्त

इसमें कोई संदेह नहीं है कि ऋषभ पंत के पास अपने करियर में एक लंबा रास्ता तय करने का कौशल और प्रतिभा है. हालांकि, बाएं हाथ के बल्लेबाज को अपने शॉट चयन पर काम करने की आवश्यकता है. पंत को ध्यान में रखना होगा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘नेचुरल क्रिकेट’ जैसी कोई बात नहीं होती और खिलाड़ी को मैच की स्थितियों के अनुसार खेलना होता है.

अभी तक खेले 13 टेस्ट मैचो में ऋषभ पंत 814 रन, 27 टी20 मुकाबलों में 410 रन और 16 वनडे मैचों में 374 रन बनाये है. टेस्ट में पंत के नाम पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की सरजमी पर दो शतक दर्ज है.

AKHIL GUPTA

क्रिकेट...क्रिकेट...क्रिकेट...इस नाम के अलावा मुझे और कुछ पता नहीं हैं. बस क्रिकेट...