अनिल कुंबले

जब टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे सफल गेंदबाज की बात होती है तो उसमें सबसे पहले भारतीय दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले का नाम आता है. उन्होंने कई रिकॉर्ड बनाये हैं. बतौर भारतीय गेंदबाज सबसे ज्यादा जीरो पर आउट करने वाले गेंदबाजो की लिस्ट में वो पहले नंबर पर मौजूद हैं. दूसरे नंबर पर ये दिग्गज खिलाड़ी मौजूद है.

अनिल कुंबले ने टेस्ट फ़ॉर्मेट में सबसे ज्यादा शिकार किया जीरो पर

अनिल कुंबले

भारतीय स्पिन विभाग में शुरू से ही दिग्गज खिलाड़ियों की भरमार रही है. लेकिन उस लिस्ट में भी टॉप अनिल कुंबले ने किया है. चाहे भारतीय सरजमीं हो या फिर विदेशी सरजमीं हर जगह पर उन्होंने बल्लेबाजों को जमकर परेशान किया है. पारी के शुरुआत में हर बल्लेबाज यही चाहता था की उनका सामना अनिल कुंबले से ना हो. जिससे वो लंबे समय तक खेल सके.

अपने टेस्ट करियर में हालाँकि अनिल कुंबले ने 77 बल्लेबाजों को बिना रन बनाये ही आउट किया है. भारतीय गेंदबाज के तौर पर ये आकड़ा बहुत ज्यादा है. अनिल कुंबले ने भारतीय टीम के लिए 132 टेस्ट मैच खेले हैं. जिसमें उन्होंने 29.65 के औसत से 619 विकेट हासिल किये थे. जिसमें 35 बार एक पारी में 5 विकेट और 8 बार मैच में 10 विकेट हासिल किया है.

लिस्ट में ये भारतीय दिग्गज भी हैं शामिल

अनिल कुंबले

लिस्ट में जब दूसरे नंबर पर देखें तो सबसे सफल तेज गेंदबाजो की लिस्ट में आगे नजर आने वाले कपिल देव का नाम नजर आता है. जिन्होंने अपने करियर में 68 बल्लेबाजों को जीरो के स्कोर पर पवेलियन भेजा है. तीसरे नंबर पर लिस्ट में नजर पड़ी तो अनिल कुंबले के साथी स्पिनर रहे हरभजन सिंह का नाम नजर आ रहा है.

अब तक अपने करियर में 58 बल्लेबाजों को हरभजन सिंह ने खाता खोलने का मौका नहीं दिया था. चौथे नंबर पर इस लिस्ट में बात करू तो मौजूदा भारतीय प्रमुख टेस्ट स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का नाम शामिल है. जिन्होंने अभी तक के करियर में ही 53 बार बल्लेबाजों को बिना खाता खोले ही पवेलियन भेज दिया है. जो उनका मैदान पर असर दिखाता है.

कई रिकार्ड्स अपने नाम किये हैं अनिल कुंबले ने

अनिल कुंबले

ये पहला कोई रिकॉर्ड नहीं है. जिसमें भारत के लिए शीर्ष पर अनिल कुंबले हैं. इसके अलावा भी उन्होंने कई और कारनामे क्रिकेट के मैदान पर किया है. एक पारी में सभी 10 विकेट लेने का कारनामा करने वाले अनिल कुंबले दूसरे विश्व के गेंदबाज थे.बतौर टेस्ट कप्तान भी उन्होंने कई बड़ी सफलता अपने नाम किया है. उन्होंने संन्यास के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच की भूमिका भी निभाई थी.