एंड्रयू सायमंड्स

जब आईपीएल की शुरुआत हुई थी. उस समय बहुत सारे खिलाड़ी इसको लेकर बहुत अच्छा नहीं सोचते थे और इसमें खेलने की इच्छा भी नहीं रखते थे. ऐसे ही एक वाकये का खुलासा अब हुआ है. मंकीगेट प्रकरण के कारण ऑस्ट्रेलिया के एंड्रयू सायमंड्स ने आईपीएल में खेलने से मना कर दिया था.

एंड्रयू सायमंड्स ने आईपीएल में खेलने से कर दिया था मना

एंड्रयू सायमंड्स

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज के दौरान एंड्रयू सायमंड्स और हरभजन सिंह के बीच मंकीगेट प्रकरण हुआ था. जिसके बाद आईपीएल खेला जाना था. जहाँ पर वो खेलने के लिए तैयार नहीं थे. किंग्स इलेवन पंजाब टीम के पूर्व सीईओ नील मैक्सवेल ने आईएएनएस के अनुसार इस बात का खुलासा करते हुए कहा कि

” आईपीएल के पूर्व कमिशनर ललित मोदी ने मुझसे कहा था कि मैं ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों को इस बात के लिए राजी करूं कि वो आईपीएल में खेलें ना कि विरोधी लीग आईसीएल में. एंड्रयू साइमंड्स के मामले में तो यह था कि वो बिल्कुल भी उधर ना जाएं. वो बिल्कुल भी नहीं जाना चाहते थे क्योंकि हरभजन सिंह के साथ उनका वो मामला हुआ था. तो मुझे ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के साथ काम करना था.”

डेक्कन चार्जर्स की टीम ने ख़रीदा था एंड्रयू सायमंड्स को

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किंग्स इलेवन पंजाब के पूर्व सीईओ नील मैक्सवेल ने आईपीएल में एंड्रयू सायमंड्स के आने की वजह बताते हुए कहा कि

” मैं उन सभी के साथ काम कर रहा था. मुझे याद है हम उनके सामने कॉन्ट्रैक्ट्स रख रहे थे और इसमें एक न्यूनतम राशि होने वाली थी जिसे वो ऑक्शन का नाम देने वाले थे. इसलिए एंड्रयू साइमंड्स को 2 लाख यूएस डॉलर की राशि कम से कम तो मिलने वाली थी और यह ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के साल भर के करार के बराबर था. एंड्रयू साइमंड्स टूर्नामेंट की पहली नीलामी में बिकने वाले सबसे महंगे खिलाड़ी थे. डेक्कन चार्जर्स ने उनको 10.2 करोड़ की बोली लगाकर खरीदा था. चार्जर की टीम की कप्तानी ऑस्ट्रेलिया टीम के उनके साथी एडम गिलक्रिस्ट के हाथों में थी.”

कुछ ऐसी घटी थी आईपीएल 2008 की नीलामी

एंड्रयू सायमंड्स

पहला सीजन होने के कारण इस लीग के बारें में सभी को कुछ खास पता नहीं था. बाद में हरभजन सिंह और सायमंड्स ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए साथ में भी खेला था. उस आईपीएल नीलामी के बारें में नील मैक्सवेल ने बताते हुए कहा कि

” उन्होंने मना करते करते हामी भरी थी और 48 घंटे के बाद ही उनके पास 1.2 मिलियन हर साल के हिसाब से तीन साल का करार था. आप बदलाव की बात करते हैं यह बदलाव था जब उन्होंने नीलामी को शुरू किया था.”