908973 904418 aakash chopra

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई टीम इंडिया ने वनडे सीरीज के पहले दोनों मैच गवां दिए हैं. उसके साथ ही अब वो इस सीरीज से भी काफी दूर चले गए हैं. जहां टीम इंडिया को पहले मैच में 66 रन से हार मिली थी और वहीं दूसरे मैच में 51 रन हार का सामना करना पड़ा. वहीं अब पूर्व भारतीय दिग्गज खिलाड़ी आकाश चोपड़ा ने टीम इंडिया की कमजोरी बताई.

टीम इंडिया के गेंदबाज नई गेंद से नहीं ले सकते विकेट

Aakash Chopra mocks Brett Lee for dismissing him before Sachin Tendulkar's 241 in 2004

ऑस्ट्रेलिया की टीम की तरफ एक के बाद खेली गई शानदार बल्लेबाजी ने टीम इंडिया के गेंदबाजों के इरादों को पस्त कर दिया. वहीं टीम इंडिया के बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों के खिलाफ कुछ खास नहीं कर सकें. वहीं अब पूर्व भारतीय खिलाड़ी आकाश चोपड़ा ने टीम इंडिया के गेंदबाजों को लेकर अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि

“अगर हम टीम इंडिया की गेंदबाजी की तरफ एक बार नजर डालेंगे तो ये साफ़ है कि गेंदबाज नई गेंद से विकेट लेने में असफल नजर आए हैं. कितन समय चला गया है? वनडे सीरीज के इन मैचों में, वहीं अभी तक टीम इंडिया की तरफ से किसी भी दो खिलाड़ी के बीच 100 रन से ज्यादा की साझेदारी देखने को नहीं मिली हैं.”

“अगर आप नई गेंद से विकेट नहीं लेते हैं, तो आप 20 ओवर तक गेंदबाजी करते रहे आप को कोई विकेट नहीं मिलेगा और ना ही कोई गेंदबाजी में किसी भी तरह बदलाव आएंगा.”

आकाश चोपड़ा ने पांड्या के बारे कही ये बात

IPL 2020 Orange Cap: Aakash Chopra picks star India batsman as top contender for Orange Cap in IPL 2020 | Cricket News

जब वनडे सीरीज के दूसरे मैच में हार्दिक पांड्या टीम इंडिया के लिए अचानक गेंदबाजी करने लगे तो सब चौक गए. वहीं उन्होंने उस दौरान गेंदबाजी तो ठीक ठाक की. लेकिन उनके बारे में भी आकाश चोपड़ा ने अपने वीडियो में बोलते हुए कहा कि

“हम लोगों ने हार्दिक पांड्या को गेंदबाजी करते हुए देखा, लेकिन शायद इस दौरान काफी लेट हो गए. उन्होंने गेंदबाजी करके विकेट भी झटका और उन्होंने स्टीव स्मिथ को अपनी गेंदबाजी से आउट किया. लेकिन अगर आप के मुख्य गेंदबाज विकेट नहीं लेते हैं, तो छठा, सातवां और आठवां ऑप्शन आप के लिए क्या कर सकता है.”

टीम में ऑलराउंडर नहीं कर रहे मदद- आकाश

Aakash Chopra reveals why he chose Hindi as his preferred medium for commentary

उन्होंने आगे कहा कि

“तो, ये वो परेशानी है जो सभी ऑलराउंडर को हो रही है लेकिन उससे पहले, हम लोगों के पास कितने ऑलराउंडर खिलाड़ी मौजूद है? अगर वो हम लोगों के साथ मौजूद भी होते, तो उन्हें हम लोग कहा पर खिलाते? अगर आप शुरूआती दौर में विकेट नहीं लेते हैं, तो वो हम लोगों को किसी भी तरह से मध्यक्रम में मदद नहीं करेगा, ये बिलकुल भी ये साबित नहीं करता कि आप कितने ऑलराउंडर को खिला रहे हैं.”