भारत और साउथ अफ्रीका के बीच चल रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला टी20 मैच आज रविवार को जोहनसबर्ग के वांडर्स स्टेडियम में खेला गया.

भारत की टीम ने टी20 सीरीज के इस पहले मुकाबले को अपने शानदार प्रदर्शन के चलते 28 रनों से जीत लिया है और सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली है.

धवन की आक्रामक पारी से खड़ा किया विशाल स्कोर 

आपकों बता दे, कि इस पहले टी20 मैच में साउथ अफ्रीका की टीम ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शुरूआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और भारत के सभी बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाये.

हालाँकि, तेजी से रन बनाने के चलते भारतीय टीम नियमित अंतराल में अपने विकेट भी गंवाती रही, लेकिन फिर भी भारतीय टीम 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 203 रन का विशाल स्कोर बनाने में कामयाब रही.

भारतीय टीम के लिए सबसे ज्यादा शिखर धवन ने 39 गेंदों पर 72 रन बनाये. वही 27 गेंदों पर 29 रन की नाबाद पारी मनीष पांडेय ने खेली. साउथ अफ्रीका के लिए अपना डेब्यू मैच खेल रहे जूनियर डाला ने दो विकेट लिए.

भारतीय गेंदबाजो के आगे बेबस नजर आये अफ़्रीकी बल्लेबाज 

जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की शुरूआत ही खराब रही और उसके ओपनर बल्लेबाज जेजे समटस टीम के मात्र 29 रन के स्कोर पर ही आउट हो गये. इसके बाद भी साउथ अफ्रीका की टीम नियमित अंतराल में अपने विकेट गंवाती रही और साउथ अफ्रीका टीम निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर मात्र 175 रन ही बना सकी और मैच को भारत की टीम ने 28 रन से जीत लिया.

साउथ अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा 50 गेंदों में 70 रन रिजा हेंड्रिक्स ने बनाये. वही भारत के लिए भुवनेश्वर कुमार ने 5 विकेट लिए है.

ये कहा डुमिनी ने मैच हारने के बाद 

मैच हराने के बाद साउथ अफ्रीका टीम के कप्तान जे पी डुमिनी ने अपने बयान में कहा,

“यह हमारे लिए बहुत निराशाजनक हार है. गेंद के साथ पहले छह ओवरों में, हम विकेट की तलाश में थे. लक्ष्य का पीछा करते हुए हमें शुरुआत में हमें साझेदारी भी नहीं मिली.

अब हम इस पर वापस जाकर चर्चा करेंगे कि हम इस मैच में क्या सही नहीं कर पाये. मुझे लगता है कि अभी भी हमें कड़ी मेहनत करने की जरुरत है और अपने प्रदर्शन में सुधार लाने की आवश्यकता है.

204 रन के लक्ष्य का निश्चित रूप से पीछा किया जा सकता था, लेकिन हमने अच्छी बल्लेबाजी नहीं की जिसके चलते हमें यह नतीजा मिला है. 

यह भी कहना होगा कि युवा खिलाड़ियों पर प्रेशर डाला  गया, यह कहना बिलकुल गलत है , कि जुनियर खिलाड़ियों की हमारी इस हार में कोई गलती है, बल्कि मुझे लगता है कि  हम सीनियर खिलाड़ियों को अधिक जिम्मेदारी लेने की जरूरत है.”

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