जसप्रीत बुमराह बाएं पैर के अंगूठे में लगे चोट के कारण पहले ही भारतीय टीम से बाहर चल रहे है। रिद्धिमान शाह कंधे की चोट से काफी ज्यादा परेशान है और मेलबॉर्न में सर्जरी को तैयार है।

यानी इंग्लैंड दौरे से पहले ही भारतीय टीम चोट के ववंडर से घिरी हुई थी। टीम में एकलौतेे फ्रंट लाइन गेंदबाज के तौर पर भारतीय टीम में सिर्फ भवनेश्वर कुमार ही मौजूद थे।

श्रृंखला के दौरान भुवी भी हुए कमर से परेशान

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लेकिन इस दौरे के दौरान वो भी अपने कमर को ले परेशानी में दिख रहे है। एकदिवसीय श्रृंखला के निर्णायक मुकाबले में उनकी गेंदबाजी से यह साफ देखा जा सकता था कि भुवी कमर को ले काफी परेशान है।

इन सब दिक्कतों के बीच भारतीय टीम 1 अगस्त से इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज का आगाज करने वाली है। ऐसे में भारतीय सेलेक्टर्स को गेंदबाजी की शुरुआत सता रही है। क्योंकि बुमराह के बाद अब भुवी का भी टेस्ट सीरीज के पहले 3 मैचो से बाहर हो चुके है.

इशांत शर्मा ने कहा हमारे पास बहुत से तेज गेंदबाज है, वो भी ऐसे जो ये श्रृंखला जीता सके

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लेकिन इसी बीच इंग्लैंड दौरे पर टीम के सदस्य और भारतीय तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने भारतीय तेज गेंदबाजों का समर्थन करते हुए टिप्पणी की है। उनका मानना है कि मौजूदा भारतीय तेज गेंदबाजों की सूची ऐसी है ,जो भारत को जो रुट की इंग्लैंड के विरुद्ध विजय रथ पर बैठा सकती है।

डेली टेलीग्राफ को दिए अपने एक इंटरव्यू में इशांत ने कहा

“हर कोई यह कहता है कि भारत क्रिकेट जगत को तेज गेंदबाज नहीं दे सकता। लेकिन अब हमारे पास आठ से नौ शानदार तेज गेंदबाज है, जो कभी भी भारत के लिए टेस्ट श्रृंखला खेल सकते है।”

2007 के बाद एक भी टेस्ट श्रृंखला इंग्लैंड में नहीं जीता भारत

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आपको बता दे कि 2007 के बाद इंग्लैंड में भारत ने अब तक कोई टेस्ट श्रृंखला नहीं जीती है। 2007 में राहुल द्रविड की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को 3 मैचों की टेस्ट श्रृंखला में 1-0 से हराया था।

इशांत ने कहा हम गेंदबाजों के दम पर जीत सकते है इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट श्रृंखला

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आगे अपनी बातों को कहते हुए इशांत ने कहा

“जिस तरह का गेंदबाजी अटैक इस समय हमारे पास है हम इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में श्रृंखला जीतने की काबिलियत रखते है। इन जगहों पर मौसम बहुत अच्छे रहते है, आप लंबे समय तक लगातार गेंदबाजी कर सकते है,माहौल आपके पक्ष में होता है। बॉल अच्छी होती है, पिच आपका साथ देता है। भारत के मुकाबले इंग्लैंड में गेंदबाजी करने में काफी अंतर है।”

फिटनेस का महत्व देर से समझा

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फिटनेस पर बोलते हुए इशांत ने कहा “पहले मैं फिटनेस पर ध्यान नहीं दिया करता था। लेकिन आज मुझे ट्रेनिंग के महत्व का एहसास बहुत अच्छे से है।”

उन्होंने यह भी कहा ” जब मैं क्रिकेट से दूर था, तो घर पर मैंने फिटनेस का महत्व समझा। जिम, दौड़ना , खाना पीना इन सब चीजों पर मैंने गंभीरता से विचार किया। एक तेज गेंदबाज के लिए यह सब बहुत ही जरूरी है।” 

अगले एक महीने में इशांत 30 साल के होने वाले है। उनका मानना है कि अपने 11 साल के टेस्ट कैरियर में वो काफी परिपक्व हुए है।

82 टेस्ट मुकाबलों में भारत के लिए ले चुके हैं 238 विकेट

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उन्होंने यह भी कहा ” पहले में ज्यादा सोचता नहीं था बस तेज गेंद फेंकता जाता था। लेकिन अनुवभ के साथ मै काफी परिपक्व हुआ हूं। अब मैं यह सोच गेंद फेंकता हूँ कि बल्लेबाज क्या सोच रहा होगा, मौसम कैसा है और पिच कैसा बर्ताव करेंगी। “

82 मैचों में 238 विकेट लेने वाले इशांत ने अंत मे कहा कि आपको मैच के सिचुएशन के हिसाब से गेंदबाजी करनी पड़ती है।