खिलाड़ी

आज के समय में कुछ खिलाड़ियों  को भगवान का दर्जा भी दे दिया जाता है. जबकि कुछ खिलाड़ियों को बहुत सम्मान मिलता है. कुछ मामलो में वो हालाँकि पीछे भी नजर आ जात हैं. जबकि बहुत सम्मान के हकदार खिलाड़ियों को उनके हक का सम्मान भी नहीं मिल पाता है.

विश्व क्रिकेट में ऐसे कई खिलाड़ी मौजूद हैं. जिन्होंने खुद को अपने देश के लिए बहुत बड़ा मैच विनर साबित किया. लेकिन उनके संन्यास के बाद वो जिस तरह के सम्मान के हकदार रहे थे. वो उन्हें उनके क्रिकेट बोर्ड और फैन्स ने कभी नहीं दिया. जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण भी है.

आज हम आपको ऐसे ही 5 खिलाड़ी के बारें में बताएँगे. जो बहुत ज्यादा सम्मान के हकदार रहे थे लेकिन करियर के अंत में उन्हें वो सम्मान नहीं दिया गया. खेल को धर्म मानने वाले भारत में भी खिलाड़ी के साथ ऐसा हुआ है. वो खिलाड़ी आज बड़ा नहीं कहा जाता है.

1. पॉल कॉलिंगवुड

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इंग्लैंड की टीम को टी20 विश्व कप जीताने वाले कप्तान और शानदार मध्यक्रम के बल्लेबाज पॉल कॉलिंगवुड का नाम यहाँ पर मौजूद हैं. उन्होंने जितना भी समय टीम में रहकर खेला वो इंग्लैंड के लिए सबसे बड़े मैच विनर खिलाड़ी रहे. जो अच्छे आलराउंडर भी टीम के लिए रहे थे.

पॉल कॉलिंगवुड ने इंग्लैंड की टीम के लिए 68 टेस्ट मैच में 4259 रन बनाये और 17 विकेट हासिल किये. एकदिवसीय करियर में उन्होंने 197 मैच में 5092 रन बनाये और 111 विकेट भी हासिल किये. इंग्लैंड के लिए 36 टी20 मैच में उन्होंने 583 रन बनाये और 16 विकेट भी हासिल किये.

कॉलिंगवुड ने बतौर कप्तान और खिलाड़ी हमेशा टीम के बेहतरी के लिए ही काम किया. बल्लेबाजी और गेंदबाजी के अलावा वो फील्डिंग में भी बहुत ही अहम नजर आते थे. उसके बाद भी उन्हें दिग्गजों के लिस्ट में शामिल भी नहीं किया गया. हाल में ही उन्होंने टीम के लिए असिस्टेंट कोच की भूमिका भी निभाई थी.

2. मोहम्मद युसूफ

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पाकिस्तान के दिग्गज मध्यक्रम के बल्लेबाज और पूर्व कप्तान मोहम्मद युसूफ का नाम भी लिस्ट में नजर आ रहा है. उन्होंने भी अपने बल्लेबाजी से कई मैच में पाकिस्तान की टीम को जीत दर्ज कराया था. मध्यक्रम में वो टीम की बल्लेबाजी को सँभालते हुए ही नजर आते थे.

मोहम्मद यूसुफ़ ने पाकिस्तान की टीम के लिए 90 टेस्ट मैच खेला है. जिसमें 52.29 के औसत से 7530 रन बनाये. 288 एकदिवसीय मैच में उन्होंने 41.72 के औसत से 9720 रन भी जोड़े थे. पाकिस्तान टीम के लिए उन्होंने 3 टी20 भी खेला था. जिसमें 50 रन बनाये थे.

बतौर कप्तान भी उन्होंने पाकिस्तान टीम को बेहतर बनाने का पूरा प्रयास किया और युवा खिलाड़ियों को खेलने का मौका भी दिया. पाकिस्तान क्रिकेट ने इस दिग्गज को वो सम्मान नहीं दिया. जिसके वो हकदार रहे थे. उन्हें कभी पीसीबी में अच्छा काम नहीं मिला. जो एक दिग्गज खिलाड़ी के साथ दुर्भाग्यपूर्ण रहा है.

3. डेमियन मार्टिन

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ऑस्ट्रेलिया ने विश्व क्रिकेट को कई महान खिलाड़ी दिए हैं. जिनका पूरा विश्व क्रिकेट में बड़ा नाम है. हालाँकि उसी लिस्ट में कुछ दिग्गज खिलाड़ियों को वो सम्मान नहीं मिल पाया. जिसके वो हकदार थे, इस लिस्ट में डेमियन मार्टिन का नाम नजर आता है.

डेमियन मार्टिन ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 67 टेस्ट मैच खेले थे. जिसमें 46.38 के औसत से 4406 रन बनाये थे. उसके अलावा 208 एकदिवसीय मैच में उन्होंने 40.81 के औसत से 5346 रन भी बनाये थे. ऑस्ट्रेलिया के लिया उन्होंने 4 टी20 मैच में 30 के औसत और 162 के स्ट्राइक रेट से 120 रन भी बनाए थे.

मार्टिन ने जब भी ऑस्ट्रेलिया टीम को गेंदबाजी में जरुरत पड़ी तो अहम भूमिका निभाई. जिसके कारण बतौर खिलाड़ी उनका कद खेलते समय बड़ा रहा. लेकिन संन्यास के बाद डेमियन मार्टिन को वो सम्मान नहीं मिला. जिसके वो बहुत ज्यादा हकदार रहे थे.

4. अनिल कुंबले

आईपीएल 2020

भारतीय टीम के दिग्गज स्पिनर और पूर्व टेस्ट कप्तान रहे अनिल कुंबले का कद विश्व क्रिकेट में बहुत ज्यादा बड़ा है. गेंद के साथ वो भारतीय टीम के लिए एक समय सबसे बड़े मैच विनर भी रहे थे. बतौर कप्तान भी उनका कद बहुत ज्यादा बड़ा रहा था.

अनिल कुंबले ने भारतीय टीम के लिए 132 टेस्ट मैच खेले. जिसमें 17.65 के औसत से 2506 रन बनाये. जिसमें 1 शतक भी शामिल था. गेंद के साथ उन्होंने 29.65 के औसत से 619 विकेट हासिल किये. उसके अलावा 271 एकदिवसीय मैच में 30.9 के औसत से 337 विकेट अपने नाम किये थे.

कुंबले को संन्यास के बाद वो सम्मान नहीं मिला. जिसके वो हकदार रहे थे. भारतीय टीम के वो जब मुख्य कोच तो टीम और कप्तान विराट कोहली का उन्हें सहयोग नहीं मिला. जिसके बाद उन्होंने पद ही छोड़ दिया. वो अनिल कुंबले के कद वाले खिलाड़ी के लिए एक बुरे दौर के जैसा रहा था. जिसका आलोचना आज भी होती है.

5. शिवनारायण चंद्रपॉल

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वेस्टइंडीज टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट में आखिरी स्टार बल्लेबाज रहे शिवनारायण चंद्रपॉल का नाम भी इस लिस्ट में नजर आता है. उन्होंने जो वेस्टइंडीज क्रिकेट के लिए किया. उसे बहुत ही कम लोग करने में सफल रहे थे. लेकिन उसके बाद भी वो पीछे के कतार में ही नजर आते हैं.

शिवनारायण चंद्रपॉल ने वेस्टइंडीज टीम के लिए टेस्ट फ़ॉर्मेट में 164 मैच खेले हैं. जिसमें उन्होने 51.37 के औसत से 11867 रन बनाये हैं. जबकि उसके साथ ही 268 एकदिवसीय मैच में 8778 रन भी उन्होंने बनाये हैं. अंत में 22 टी20 खेलते हुए उन्होंने 343 रन भी जोड़े थे.

चंद्रपॉल ने अकेले के दम पर कई मैच वेस्टइंडीज की टीम को जीताये. जिसके बाद जब उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया तो उन्हें वो सम्मान नहीं दिया गया. जिसके वो सबसे ज्यादा हकदार भी रहे थे. लेकिन आज के समय वो किसी भी रूप से टीम की मदद करते हुए नहीं नजर आते हैं. जो पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण है.