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खेल के दूसरे सबसे पुराने फॉर्मेट वनडे क्रिकेट का पिछले कुछ सालों में काफी दिलचस्प सफर रहा है. आईसीसी द्वारा इस प्रारूप को और दिलचस्प बनाने के लिए लगातार प्रयोग किये गए है. उसके साथ खिलाड़ियों ने खुद को भी इस प्रारूप में हुए बदलावों के अनुसार ढाला है. कुछ समय पहले लोग यह मान रहे थे कि टी20 प्रारूप के आने से लोगो के बीच यह प्रारूप लोकप्रिय नहीं रह जायेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

टी20 क्रिकेट की वजह से बल्लेबाजों ने इस प्रारूप में भी तेजी से खेलना शुरू कर दिया और आज की क्रिकेट में किसी भी टोटल को सेफ नहीं कहा जा सकता. पहले वनडे क्रिकेट में 250 से ज्यादा का स्कोर जीतने के लायक माना जाता था मगर आज ऐसा नहीं है. आज 250 से अधिक का व्यक्तिगत स्कोर एक अकेला खिलाड़ी ही ठोक देता है.

इसी वजह से अब 300 के आंकड़े को भी आसानी से चेस करने लायक माना जाता है. इस आर्टिकल के माध्यम से हम उन 5 वनडे खिलाड़ियों के व्यक्तिगत स्कोर के बराबर भी विपक्षी टीम रन नहीं बना सकी. और खिलाड़ियों ने विपक्षी टीमों के टोटल को से ज्यदा रन बनाये.

5. सर विवियन रिचर्ड्स

साल 1971 में जब वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत हुई थी तो उस दशक में बड़ा स्कोर बना पाना हर खिलाड़ी के लिए कठिन होता था. लेकिन जैसे ही 80 का दशक आया तो फिर खिलाड़ी लंबी-लंबी पारियां खेलने लगे. 1984 में आज ही के दिन यानी 31 मई को वेस्टइंडीज के महान खिलाड़ी सर विवियन रिचर्ड्स ने पहली बार वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में 180 रन का आंकड़ा पार किया था.

टेक्सको ट्रॉफी का ये पहला मुकाबला था. जिसमें वेस्टइंडीज के कप्तान क्लाइव लॉयड ने इंग्लैंड के खिलाफ टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी. लेकिन टीम के दोनों ओपनर बल्लेबाज महज 11 रन के कुल स्कोर पर आउट हो गए थे. इसके बाद इस मैच में रिचर्ड्स ने 170 गेंदों में 21 चौके और 5 छक्कों के साथ 189 रन की पारी खेली थी.

ये 1971 में शुरू हुई वनडे क्रिकेट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इस फॉर्मेट का सबसे बड़ा स्कोर था. इंग्लैंड की टीम इस मैच में विवियन रिचर्ड्स के व्यक्तिगत स्कोर के बराबर भी रन नहीं बना पाई और 50 ओवर में महज 168 रन पर पूरी टीम ढेर हो गयी.

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Ashutosh Tripathi

मैं एक पत्रकार हूँ. पत्रकार ना तो आस्तिक होता है और ना तो नास्तिक होता है बल्कि...