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कोरोना वैश्विक महामारी के बीच करीब 117 दिनों के बाद वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच, बुधवार को इंग्लैंड के साउथैम्पटन में 3 टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच आज (13 जुलाई) समाप्त हो गया. इस मैच में वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को 4 विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 से अजेय बढ़त बना ली है.

इस मैच में आप सभी को क्रिकेट के बहुत से नियम बदले-बदले जरूर दिखे होंगे. जैसे किसी भी गेंदबाज या फील्डर को आपने इस मैच के दौरान गेंद को चमकाने के लिए थूंक का प्रयोक करते हुए नहीं देखा होगा. दरअसल आईसीसी ने कोरोना महामारी के चलते इस नए नियम को क्रिकेट की रूल बुक में शामिल किया है. आईसीसी के इस नियम ने गेंदबाजों से मानों उनका ब्रम्हास्त्र छीन लिया हो.

ऐसा नहीं है की आईसीसी ने नियमों में बदलाव पहली बार किया है. इससे पहले भी कई बार नियमों में बदलाव हो चुके हैं. जिसके कारण इस खेल में बहुत प्रभाव पड़ा है. आज आपको हम अपने इस लेख में उन 4 संशोधित नियमों के बारे में बताएँगे जिन्होंने क्रिकेट के खेल को बुरी तरह प्रभावित किया है.

4. सुपर सब

साल 2005 में आईसीसी क्रिकेट ने क्रिकेट के नियमों में कई बदलाव किए. जिसमें एक था “सुपर सब”, इस नियम के अनुसार फुटबॉल की तर्ज पर क्रिकेट में भी 12वें खिलाड़ी को मैच के दौरान शामिल करने की अनुमति होती थी. जिसे आप मैच के दौरान अपने एकादश के किसी एक खिलाड़ी से बदल सकते थे.

यह खिलाड़ी टीम के लिए बल्लेबाजी, गेंदबाजी, विकेट कीपिंग तथा क्षेत्ररक्षण चारों विकल्पों के लिए हमेशा उपलब्ध रहता था. किस खिलाड़ी को विकल्प के रूप में शामिल करना है. इसका निर्णय कप्तान टॉस से पहले लेता था. हालांकि, जिस खिलाड़ी के स्थान पर सब्सिट्यूट आता था, वो दोबारा मैच में शामिल नहीं हो सकता था.

इस नियम पर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को ज्यादा फायदा मिलने का आरोप लगा था. जिसकी वजह से इस नियम को कप्तानों से ज्यादा समर्थन नहीं मिला इसलिए आईसीसी ने इसे कुछ दिनों के बाद समाप्त कर दिया गया.

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