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पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच जारी 2 टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच 26 जनवरी से कराची के मैदान पर जारी है। मैच के दौरान नौमान अली सहित पाकिस्तान के कई  खिलाड़ियों का प्रदर्शन  काफी बेहतर रहा, जिसकी वजह से टीम ने मेहमान टीम पर पूरे मैच में अब तक दबाव बनाकर रखा है। पाकिस्तान की ओर से मैच में 2 खिलाड़ियों ने डेब्यू किया, और दोनों ही खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला।

पाकिस्तान के दो खिलाड़ियों ने किया डेब्यू

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साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में पाकिस्तान की ओर से बल्लेबाज इमरान बट और बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज नौमान अली ने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। मैच में डेब्यू करने वाले नौमान अली ने बेहतर गेंदबाजी का नजारा पेश किया। नौमान ने मैच में साउथ अफ्रीका के 5 बल्लेबाजों को आउट करके वापस पवेलियन भेजा।

मैच में डेब्यू करने के साथ ही उन्होंने जिस तरह से बेहतर प्रदर्शन किया, वैसे में वह पाकिस्तान के लिए डेब्यू करने वाले उम्रदराज खिलाड़ियों में से एक बन गए हैं, वहीं वह पाकिस्तान की ओर से अपने पहले मैच में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं।

पाकिस्तान के चौथे उम्रदराज खिलाड़ी बने नौमान अली

नौमान अली

34 वर्षीय नौमान अली दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू करते ही पाकिस्तान टीम में डेब्यू करने वाले चौथे उम्रदराज क्रिकेटर बन गए। उन्होंने 34 साल और 111 दिन की उम्र में पहला टेस्ट खेला है। उनसे पहले पाकिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेटरों में मीरन बक्श ने 47 साल 284 दिन, जुल्फिकार बाबर ने 34 साल 308 दिन और मोहम्मद असलम 34 साल 177 दिन में डेब्यू किया था।

नौमान अली ने मैच में 5 विकेट झटके, इसके साथ ही वह 71 साल में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू मैच में 5 विकेट लेने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। वहीं 87 साल बाद किसी उम्रदराज स्पिनर द्वारा डेब्यू मैच में ऐसा कारनामा किया गया।

 नौमान का गाँव से इंटरनेशनल क्रिकेट तक का सफर

नौमान अली

नौमान अली पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध प्रांत के संगहार डिवीजन का हिस्सा खिपरो गांव के रहने वाले हैं। नौमान पाकिस्तान के उन खिलाड़ियों में से हैं जो ग्रामीण इलाकों से आए और इंटरनेशनल क्रिकेट खेले। घरेलू क्रिकेट में वह लंबे समय से शानदार प्रदर्शन कर रहें थे, लेकिन अब जाकर उन्हे मौका मिला।

नौमान ने अपने डेब्यू के बारे में बोलते हुए कहा था-

“फर्स्ट क्लास में पिछले दो सीजन में लगातार विकेट लेने और अच्छी गेंदबाजी के चलते मुझे पाकिस्तान टीम के लिए बुलावे की उम्मीद थी. यह काफी लंबी यात्रा रही है. मेरा जन्म और पढ़ाई-लिखाई खिपरो में ही हुई लेकिन फिर क्रिकेट में करियर बनाने के लिए मेरे चाचा के पास हैदराबाद चला गया.’ खिपरो हैदराबाद से 285 किलोमीटर दूर है”।

“हैदराबाद (पाकिस्तान स्थित) जैसे बड़े शहर में आना काफी मुश्किल था, मेरे पिता भी हैदराबाद (पाकिस्तान स्थित) में तेल कंपनी में बाबू का काम करते हैं। मुझे लंबे करियर का भरोसा है, मै किसी भी देश में बॉलिंग की चुनौती के लिए तैयार हूँ, मौका मिला तो कहीं पर भी अच्छे प्रदर्शन का भरोसा है।”