भारतीय टीम एक समय अच्छा विकेटकीपर बल्लेबाज की तलाश कर रही थी. उस समय रांची के युवा खिलाड़ी ने तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली को एक अच्छा विकल्प दिया. जिस खिलाड़ी का नाम था महेंद्र सिंह धोनी जो बाद में भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा कप्तान बना. इस समय भारतीय क्रिकेट टीम के फैन्स चाहते हैं कि महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दें. आज हम आपको बता रहे हैं कि क्यों लोग चाहते हैं कि महेंद्र सिंह धोनी अब अंतराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दे.

तीन कारण क्यों लोग चाहते हैं कि धोनी कहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा

1.पुराने धोनी अब नहीं दिखते हैं फैन्स को

पूर्व भारतीय कप्तान

महेंद्र सिंह धोनी की पहचान इसलिए बड़ी बनी क्योंकी वो पारी के शुरुआत में लंबे छक्के लगाने के लिए जाने जाते थे. जो करियर के आखिरी पड़ाव में आकर करना धोनी के लिए संभव नहीं है. 2017 के बाद धोनी मैदान पर आने के बाद थोड़ा समय बिताते हैं. उसके बाद ही बड़ा शॉट खेलते हैं. जबकि फैन्स को 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार आक्रमक पारी खेलने वाला धोनी ही चाहिए.

जिस तरह से अपनी पारी को महेंद्र सिंह धोनी ने 2011 विश्व कप के फाइनल में शुरू किया था. वैसे आज भी करना धोनी के लिए संभव नहीं है. लेकिन रिकॉर्ड को देखें तो ये बात की धोनी अब धीमे हो गये हैं एक बकवास ही लगता है क्योंकी महेंद्र सिंह धोनी के करियर में उनका स्ट्राइक रेट 87 का ही रहा है. इस विश्व कप में भी वो 87 के स्ट्राइक रेट से ही खेले है.

2. धोनी का विकल्प पंत में दिखना

महेंद्र सिंह धोनी

अब धोनी क्रिकेट से संन्यास ले ये मांग इसलिए भी उठनी शुरू हो गयी क्योंकी महेंद्र सिंह धोनी का विकल्प ऋषभ पंत में लोगों को दिखना शुरू हो गया है. ऋषभ पंत इस समय मात्र 21 वर्ष के है. इसलिए लोगों को लगता है कि यदि अब उन्हें ज्यादा मौके मिलेंगे तो वो भविष्य में बहुत बड़े खिलाड़ी बन सकते है.

पंत में धोनी के शुरूआती करियर की झलक भी दिखती है क्योंकि ऋषभ भी माही की तरह शुरू से ही बड़े शॉट खेलने की क्षमता रखते है. धोनी की तरह पंत का भी डर गेंदबाजो में साफ़ झलकता है. एक विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में अच्छा भी किया है.

3.युवा खिलाड़ियों को मौके देने का खुद धोनी का तरीका

भारत की टीम के जब महेंद्र सिंह धोनी नए-नए कप्तान बने थे तो उस समय धोनी के अनुभवी खिलाड़ियों की जगह युवा चेहरे को मौका देने का जिम्मा उठाया था. 2009 के समय धोनी ने राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को सिर्फ इस वजह से टीम से बाहर किया गया की युवा खिलाड़ियों को मौका नहीं मिल पा रहा है.

अब खुद महेंद्र सिंह धोनी की उम्र 38 वर्ष की है इसलिए भी लोग चाहते हैं कि धोनी की जगह किसी युवा खिलाड़ी को मौका दिया जाय. जो लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट के लिए खेलता रहे. भारत के पास इस समय ऐसे खिलाड़ी भी हैं जिन्होंने एक विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में खुद को साबित करना शुरू कर दिया है.