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पिछले कई सालों से भारतीय बल्लेबाजी क्रम काफी स्थिर रहा है. नम्बर 4 और 6 के स्थान को छोड़ दें तो बाकी सभी स्थान में ज्यादा कुछ बड़े बदलाव देखने को नहीं मिले है. जहां शीर्ष क्रम में रोहित, धवन और विराट कोहली लगातार टीम की रीढ़ बने हुए हैं. वहीं मध्यक्रम महेंद्र सिंह धोनी और (कुछ सालों से) केदार जाधव के इर्द गिर्द घूमता रहा है.

हालाँकि टीम के गेंदबाजी आक्रमण असंयोजित रहा है. विराट कोहली 31, रोहित 32, धवन 33, जाधव 35 और धोनी 38, आश्विन 33, जडेजा 31 साल के हो चुके हैं. इसका मतलब यह है कि 5 साल बाद ये सभी खिलाड़ी या तो संन्यास ले चुके होंगे या फिर अपने करियर के अंत के नजदीक होंगे. टीम इनका रिप्लेसमेंट भी तलाश चुकी होगी.

भारत के पास भविष्य के लिए प्रतिभावान बल्लेबाजों की एक पूरी फौज है. हालाँकि गेंदबाजी में अभी भी काम करना बाकी है. इसी को देखते हुए आज अपने इस विशेष लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं की आज से पांच साल बाद यानि वर्ष 2025 में भारतीय टीम की बैटिंग तथा गेंदबाजी लाइन अप कैसी हो सकती है. तथा कौन से 11 खिलाड़ी टीम में फिट बैठेंगे.

ओपनर्स

1. के एल राहुल

भारतीय क्रिकेट में विराट कोहली और रोहित शर्मा के बाद भारतीय बल्लेबाजी क्रम में यदि आज कोई उम्मीद और भरोसा जगाता है तो वे केएल राहुल हैं. कर्नाटक का यह खिलाड़ी क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में फिट है. सीमित ओवरों के क्रिकेट में तो इस खिलाड़ी के आकड़े लाजवाब हैं. ओपनिंग से लेकर मध्यक्रम तक कहीं भी बैटिंग करा लीजिए.

केएल राहुल सब जगह से अपना 100 प्रतिशत खेल दिखा रहे हैं. अब तो हाल ही में उन्होंने ग्लव्स भी थाम लिए हैं. उनकी विकेटकीपिंग ने जहां भारत की बैटिंग मजबूत किया है. वहीँ टीम को एक अतिरिक्त गेंदबाज खिलाने का भी विकल्प खोल दिया है. मौजूदा भारतीय टीम के शानदार बल्लेबाज के एल राहुल अभी 28 साल के युवा हैं.

राहुल क्रिकेट के किसी भी प्रारूप में टीम के साथ लगातार बने हुए हैं. राहुल का हालिया प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप रहा है. सभी जानते हैं की उनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं है . 2023 विश्व के बाद 38 साल के हो चुके धवन संन्यास ले सकते हैं. ऐसे में उनकी जगह के प्रबल दावेदार केएल राहुल ही होंगे और वो अपने नियमित स्थान यानी ओपनर के रूप में टीम के लिए लम्बे समय तक खेल सकते हैं.

2. प्रथ्वी शॉ

रोहित भी भारत मे होने वाले अगले विश्व कप के बाद या कुछ और सीरीज बाद संन्यास की घोषणा कर सकते है. ऐसे में उनके स्थान पर यदि कोई बल्लेबाज फिट बैठता है तो वो निश्चित तौर पर पृथ्वी शॉ हैं. शॉ को हिटमैन की जगह मौका मिल सकता है. पृथ्वी भारत के लिए टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं.

पृथ्वी शॉ पहली बार तब चर्चा में आए थे. जब उन्होंने साल 2013 में हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में रिजवी स्प्रिंगफील्ड की ओर से खेलते हुए सेंट फ्रांकिस के खिलाफ 330 गेंदों में 546 रन बनाए थे. पृथ्वी ने इस पारी के दौरान 85 चौके और 5 छक्के भी लगाए थे. उन्होंने भारत की तरफ से खेलते हुए अपने पहले ही मैच में शतक जड़ा था.

शॉ ने आईपीएल में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी की बानगी पेश की थी. उनको भविष्य में इस स्थान पर मौका मिलना लगभग तय है.

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Ashutosh Tripathi

मैं एक पत्रकार हूँ. पत्रकार ना तो आस्तिक होता है और ना तो नास्तिक होता है बल्कि...