आज से ठीक 12 साल पहले आज के ही दिन महेंद्र सिंह धोनी ने अपने करियर की पहला आईसीसी खिताब टीम इंडिया को जितवाया था। जी हां, 24 सितंबर का ही था वह दिन जब भारत ने पाकिस्तान को हराकर आईसीसी टी 20 विश्वकप खिताब अपने नाम किया था। 1983 के बाद भारत ने पहली बार आईसीसी टूर्नामेंट का खिताब जीता था।

बीसीसीआई ने 2007 की जीत को किया याद

1983 में लॉर्ड्स के मैदान पर कपिल देव की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने पहला आईसीसी विश्व कप जीता था। लंबे इंतजार के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट के पहले टी 20 विश्वकप का खिताब जीकर भारत को दूसरा आईसीसी खिताब जितवाया था।

टीम इंडिया ने बोर्ड पर लगाए थे 157 रन

टी 20 विश्व कप

भारत और पाकिस्तान के बीच जब कोई भी क्रिकेट मैच होता है तो हर किसी का मैच के प्रति रोमांच दौगुना हो जाता है। आईसीसीसी टी 20 विश्व कप का फाइनल मुकाबला दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी टीमों के बीच खेला गया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया।

टी 20 का मुकाबला था गौतम गंभीर 75, रोहित शर्मा नाबाद 30 ने अहम योगदान देते हुए 157 रन बोर्ड पर लगाए। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने जीत हासिल करने की ठान रखी थी। और वह कहते हैं न हौंसला बुलंद हो तो मुकाम मिलना आसान हो जाता है। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम ने बेहद खराब शुरूआत की।

टीम इंडिया के शेर आरपी सिंह ने पहले ही ओवर में पाक ओपनर मोहम्मद हफीज को पवेलियन पहुंचा दिया। पाक टीम 20 ओवर से पहले ही ऑलआउट हुई। और जब भी टी 20 विश्व कप याद किया जाएगा तो मिस्बाह-उल-हक का नाम जरूर दिमाग में आता है।

आखिरी ओवर तक रोमांचक रहा मैच

टी 20 विश्व कप

असल में आखिर ओवरों में पाकिस्तान टीम ट्रैक पर आ गई थी और उसे आखिरी ओवर में जीतने के लिए 13 रन की जरूरत थी। तब मिस्बाह उल हक 37 और मोहम्मद आसिफ 4 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। तब धोनी ने हरभजन सिंह, युसुफ पठान की बजाए गेंद जोगिदंर शर्मा के हाथ में थमाई। हर कोई कप्तान के फैसले से हैरान रह गया।

जोगिंदर ने पहली बॉल वाइड डाली और दूसरी बॉल पर एक भी रन नहीं बना। तभी तीसरी बॉल पर मिस्बाह ने छक्का जड़ दिया जिसे देख भारतीय फैंस की तो मानो सांसे ही थम गईं। लेकिन फिर उन्होंने जब बॉल हवा में खेली तो वह शॉट बाउंड्री पार करता उससे पहले ही श्रीसंत ने कैच लपक लिया और इस तरह मिस्बाह ने अपना विकेट गंवाया और टीम इंडिया ने विश्व कप पर कब्जा जमाया।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *