ऑस्ट्रेलिया

आईपीएल 2021 में 14वें सीजन की शुरूआत को लेकर तैयारियां जोरो पर है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की तरफ से आई खबर ने खिलाड़ियों और फैंस के लिए हैरानी पैदा कर दी है. एक तरफ जहां भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड नीलामी को लेकर तैयारी कर रही है तो वहीं कंगारू खिलाड़ी को लेकर बोर्ड ने नया बयान जारी किया है.

मिनी ऑक्शन से पहले ऑस्ट्रेलिया बोर्ड काे आया बड़ा बयान

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फिलहाल आईपीएल 2021 को लेकर हाल ही में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि, इस साल ये लीग 11 या फिर 14 अप्रैल से शुरू हो सकती है, और इसका फाइनल मैच 5 या फिर 6 मई को खेला जा सकता है. हालांकि अभी बीसीसीआई ने तारीखों को लेकर ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया है.

लेकिन इसी महीने 18 फरवरी को आईपीएल को लेकर मिनी ऑक्शन आयोजित किया जाएगा. जिसे लेकर खिलाड़ी तो एक्साइटेड होंगे ही साथ ही फ्रेंचाइजियों की भी नजरें कुछ खिलाड़ियों को लेने पर खास टिकी होंगी. साथ ही खिलाड़ी भी इस बार की लीग में हिस्सा लेने के लिए टीमों का ध्यान अपनी तरफ खींच रहे हैं.

ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ियों के लिए जारी करेगी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट

ऑस्ट्रेलिया-आईपीएल

हालांकि इसी बीच ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड की तरफ से आईपीएल में हिस्सा लेने वाले अपने खिलाड़ियों को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया गया है. जिसे सुनने के बाद विदेशी खिलाड़ियों के फैंस को बड़ा झटका लग सकता है.

बुद्धवार, 3 फरवरी को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने एक बयान देते हुए कहा है कि, वो आईपीएल में खेलने वाले अपने खिलाड़ियों को हालात के मुताबिक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) जारी करेंगे. ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड की तरफ से यह ओर से यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब दक्षिण अफ्रीकी दौरे को रद्द कर दिया गया है.

योग्यता के आधार पर आईपीएल में हिस्सा ले सकेंगे खिलाड़ी: ऑस्ट्रेलिया बोर्ड

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मंगलवार को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की ओर से साउथ अफ्रीका दौरा रद्द करने की घोषणा हुई थी. इसके एक दिन बाद ही अब क्रिकेट बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि, उसकी टीम पांच टी-20 मैचों की सीरीज के लिए न्यूजीलैंड रवाना हो रही है. जिसमें स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर, जोस हेजलवुड और पैट कमिंस जैसे खिलाड़ी शामिल नहीं हैं.

इस बीच खिलाड़ियों के मैनेजर्स की ओर से इशारो में यह बात कही गई है कि यदि कोई खिलाड़ी चोटिल नहीं होता है तो एनओसी मिलने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी. इस बारे में बयान देते हुए सीओए निक होक्ले ने कहा है कि,

‘जाहिर सी बात है कि पिछले साल हमने आईपीएल में बड़ी मिसाल कायम की थी. ऐसे में यदि हम लीग को पसंद करते हैं तो हम खिलाड़ियों को आईपीएल में जाने देंगे. ऐसे में पहले आवेदन करने पर हम खिलाड़ी को लेकर विचार-विमर्श करेंगे और फिर उनके योग्यता के आधार पर फैसला लेंगे, कि किसे भेजना है. अगर कोई खिलाड़ी के साथ फिटनेस की समस्या हैं, तो हम उसे आईपीएल में भाग नहीं लेंगे देंगे.”