टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए जिम्बाब्वे ने कोचिंग स्टाफ में किया बदलाव, इस दिग्गज को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
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आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के नज़दीक आते ही सभी टीमें अपनी तैयारियों को मज़बूत करने में जुट गई हैं। इसी क्रम में जिम्बाब्वे (Zimbabwe) क्रिकेट ने अपने कोचिंग स्टाफ में एक अहम और रणनीतिक बदलाव किया है।
टीम ने एक ऐसे दिग्गज को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, जिसने अपने दौर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाज़ी से अलग पहचान बनाई और लंबे समय तक दबदबा कायम रखा।
अनुभव, अनुशासन और बड़े टूर्नामेंट्स की गहरी समझ रखने वाला यह नाम जिम्बाब्वे की गेंदबाज़ी को नई दिशा देने का काम करेगा। वर्ल्ड कप में वापसी कर रही जिम्बाब्वे टीम के लिए यह फैसला सिर्फ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि भविष्य की मजबूत नींव रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
दिग्गज का अनुभव आएगा Zimbabwe के काम
जिम्बाब्वे (Zimbabwe) क्रिकेट ने आगामी टी20 वर्ल्ड कप के लिए वेस्ट इंडीज के महान तेज़ गेंदबाज़ कोर्टनी वॉल्श को बॉलिंग कंसल्टेंट नियुक्त किया है। ज़िम्बाब्वे क्रिकेट के बयान के मुताबिक, वॉल्श ने पहले ही टीम के साथ काम करना शुरू कर दिया है। 500 टेस्ट विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज़ रहे वॉल्श का करियर अनुभव किसी भी युवा गेंदबाज़ के लिए सीख का खजाना माना जाता है।
इससे पहले वह बांग्लादेश पुरुष टीम के स्पेशलिस्ट बॉलिंग कोच और वेस्ट इंडीज महिला टीम के हेड कोच की भूमिका निभा चुके हैं, जबकि 2024 में वह जिम्बाब्वे महिला टीम के साथ टेक्निकल कंसल्टेंट भी रहे थे।
वॉल्श का भरोसा और टीम की संभावनाएं
अपनी नियुक्ति के बाद वॉल्श ने टीम को लेकर भरोसा जताया है। उनका मानना है कि अगर खिलाड़ी एक यूनिट के तौर पर मिलकर खेलें और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालें, तो जिम्बाब्वे के पास अच्छा प्रदर्शन करने का मजबूत मौका है।
उन्होंने गेंदबाज़ी अटैक के कॉम्बिनेशन और टीम में मौजूद पोटेंशियल की खुलकर तारीफ की है। बड़े टूर्नामेंट में दबाव से निपटने का उनका अनुभव जिम्बाब्वे के लिए खास साबित हो सकता है, खासकर तब जब टीम को ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी मजबूत टीमों का सामना करना है।
सिकंदर रज़ा की कप्तानी में संतुलित बॉलिंग अटैक
कप्तान सिकंदर रज़ा की अगुवाई में जिम्बाब्वे (Zimbabwe) का बॉलिंग अटैक संतुलित नजर आता है। तेज़ गेंदबाज़ी की जिम्मेदारी ब्लेसिंग मुजरबानी, रिचर्ड नगारवा और टिनोटेंडा मापोसा संभालेंगे, जो नई गेंद और डेथ ओवर्स में असर डालने की क्षमता रखते हैं।
ब्रैड इवांस और ताशिंगा मुसेकिवा सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर के रूप में टीम को गहराई देते हैं। वहीं स्पिन विभाग में वेलिंगटन मसाकाद्ज़ा, ग्रीम क्रेमर और खुद रज़ा जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जो श्रीलंका की पिचों पर अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मैनेजमेंट की सोच और वर्ल्ड कप की राह
जिम्बाब्वे (Zimbabwe) क्रिकेट के मैनेजिंग डायरेक्टर गिवमोर माकोनी ने साफ कहा कि वॉल्श की नियुक्ति का मकसद गेंदबाज़ों को मेंटर करने की उनकी क्षमता का पूरा फायदा उठाना है। उनके अनुसार, ग्लोबल स्टेज पर सफल होने के लिए जरूरी मानसिकता और प्रोफेशनलिज़्म वॉल्श जैसे दिग्गज ही टीम में ला सकते हैं।
जिम्बाब्वे (Zimbabwe) ग्रुप बी में ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, ओमान और सह-मेज़बान श्रीलंका के साथ है और उसके सभी ग्रुप मैच श्रीलंका में खेले जाएंगे। 2024 संस्करण के लिए क्वालिफाई न कर पाने के बाद यह वापसी जिम्बाब्वे के लिए खास है और कोचिंग स्टाफ में किया गया यह बदलाव टीम की तैयारी को नई दिशा देता दिख रहा है।