47 की उम्र में जहीर खान की वापसी, BCCI टीम इंडिया में देने जा रही है खास रोल

Published - 03 Mar 2026, 08:45 AM | Updated - 03 Mar 2026, 08:50 AM

Zaheer Khan

भारतीय क्रिकेट में एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। 47 वर्ष की उम्र में पूर्व दिग्गज तेज़ गेंदबाज़ एक बार फिर राष्ट्रीय सेटअप से जुड़ने जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन्हें बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खास तेज़ गेंदबाज़ी कैंप की जिम्मेदारी सौंपी है।

यह पहल ऐसे समय में की जा रही है जब भारतीय टीम को भविष्य के लिए मजबूत और फिट तेज़ गेंदबाज़ों की सख्त जरूरत महसूस हो रही है। बोर्ड की ओर से आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और ज़हीर कैंप की निगरानी भी कर रहे हैं।

Zaheer Khan की अगुवाई में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तेज़ गेंदबाज़ी कैंप की शुरुआत

बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में दिसंबर से फास्ट बॉलिंग कोच का पद खाली पड़ा था, जब ट्रॉय कूली का कार्यकाल समाप्त हो गया था। इसके बाद BCCI ने इस भूमिका के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। अब ज़हीर खान (Zaheer Khan) की देखरेख में 28 फरवरी से 2 मार्च तक विशेष तेज़ गेंदबाज़ी कैंप आयोजित किया जा रहा है।

इस कैंप के लिए विभिन्न राज्य संघों से चुनिंदा तेज़ गेंदबाज़ों को बुलाया गया है। ये खिलाड़ी या तो सीनियर टीम से बाहर हैं या फिर सीमित अंतरराष्ट्रीय अनुभव रखते हैं।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के क्रिकेट प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने इस पहल में विशेष रुचि दिखाई है। उनका (Zaheer Khan) उद्देश्य केवल तकनीकी सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्कलोड मैनेजमेंट, टैलेंट की पहचान और परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग जैसे पहलुओं पर भी काम करना है। ज़हीर खान स्वयं इस भूमिका को लेकर उत्साहित बताए जा रहे हैं और उनका मानना है कि वह अगली पीढ़ी के तेज़ गेंदबाज़ों को सही दिशा दे सकते हैं।

भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी की मौजूदा चुनौतियां

हाल के वर्षों में भारतीय टीम की तेज़ गेंदबाज़ी ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन चुनौतियां भी सामने आई हैं। जसप्रीत बुमराह टीम के प्रमुख हथियार हैं, लेकिन उनके वर्कलोड और फिटनेस को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।

उनकी गैरमौजूदगी में मोहम्मद सिराज पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाती है। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और शार्दुल ठाकुर टेस्ट क्रिकेट में स्थिर प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं। युवा तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा जैसे खिलाड़ी प्रतिभाशाली हैं, लेकिन निरंतरता की कमी साफ दिखाई देती है।

ऐसे में ज़हीर खान (Zaheer Khan) जैसे अनुभवी बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ का मार्गदर्शन भारतीय पेस अटैक को नई मजबूती दे सकता है। उन्होंने अपने करियर में विदेशी परिस्थितियों में भी भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी, और उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।

स्पिनरों के लिए भी विशेष योजना

यह पहल केवल तेज़ गेंदबाज़ों तक सीमित नहीं है। खबरों के अनुसार, BCCI ने अनिल कुंबले और हरभजन सिंह से भी संपर्क किया है। हरभजन ऑफ स्पिनरों के लिए विशेष कैंप आयोजित करने की योजना बना रहे हैं, जबकि कुंबले कलाई के स्पिनरों के साथ काम कर सकते हैं।

ये कैंप उन खिलाड़ियों के लिए होंगे जिन्हें सीनियर इंडिया टीम के संभावित विकल्प के रूप में चिन्हित किया गया है।इंडियन प्रीमियर लीग से पहले इन स्पेशलिस्ट कैंप्स का आयोजन युवा खिलाड़ियों को तकनीकी और मानसिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

भारत के लिए 100 से अधिक टेस्ट खेलने वाले दिग्गजों का अनुभव सीधे अगली पीढ़ी तक पहुंचाना भारतीय क्रिकेट के भविष्य को और मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।


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Vasu Jain

मुझे क्रिकेट से गहरा लगाव है और मैं वर्ष 2007 से इस खेल को लगातार देखता और समझता आ रहा हूँ। क्रिकेट... रीड मोर

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