फेवरेट बैटिंग पार्टनर पर युवराज का शॉकिंग जवाब, सचिन-कोहली नहीं, इस दिग्गज का लिया झट से नाम
Published - 11 Apr 2026, 02:57 PM | Updated - 11 Apr 2026, 03:01 PM
भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े मैच विनर माने जाने वाले दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने हाल ही में एक बड़ा खुलासा किया है। आमतौर पर जब भी पसंदीदा बल्लेबाजी साथी की बात आती है, तो लोग सचिन तेंदुलकर या विराट कोहली का नाम लेते हैं,
लेकिन युवी ने सबको चौंका दिया है। युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने अपने करियर के सबसे यादगार पलों और मैदान पर अपनी सबसे बेहतरीन केमिस्ट्री को लेकर विस्तार से बात की है, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है।
Yuvraj Singh ने एमएस धोनी को चुना पसंदीदा पार्टनर

सिक्सर किंग के नाम से मशहूर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने अपनी पसंदीदा बल्लेबाजी जोड़ीदार के रूप में पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नाम लिया है। एक हालिया इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि उन्हें क्रीज पर किसके साथ बल्लेबाजी करना सबसे ज्यादा पसंद था, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के धोनी का नाम चुना।
युवी ने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा कि जब वे दोनों साथ बल्लेबाजी करते थे, तो मैच की स्थिति को समझना और स्ट्राइक रोटेट करना बहुत आसान हो जाता था। युवराज सिंह (Yuvraj Singh) और धोनी ने मिलकर भारतीय टीम को कई ऐतिहासिक मैच जिताए हैं। युवी का मानना है कि धोनी की खेल को पढ़ने की क्षमता और शांत स्वभाव ने उन्हें दूसरे छोर पर खुलकर खेलने की आजादी दी।
इन दोनों दिग्गजों के बीच मैदान पर जो तालमेल था, वह भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम दौर की याद दिलाता है। युवराज ने स्वीकार किया कि धोनी के साथ उनकी रनिंग बिटवीन द विकेट्स इतनी सटीक थी कि उन्हें कभी कॉल करने में परेशानी नहीं हुई।
2011 विश्व कप की यादें हुई ताजा
इस खुलासे के बाद फैंस को एक बार फिर 2011 विश्व कप का वह दौर याद आ गया, जब युवराज सिंह (Yuvraj Singh) और धोनी ने मिलकर टीम इंडिया को विश्व विजेता बनाया था। युवराज ने बताया कि जब वे मिडिल ऑर्डर में साथ खेलते थे, तो उनका लक्ष्य केवल मैच को अंत तक ले जाना होता था।
धोनी अक्सर युवी को खेल के दौरान गाइड करते थे कि कब आक्रामक होना है और कब सिंगल लेकर गेम को चलाना है। इन दोनों के बीच की पार्टनरशिप ने भारत को कई बार मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला है।
युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने कहा कि भले ही उन्होंने कई महान खिलाड़ियों के साथ बल्लेबाजी की है, लेकिन धोनी के साथ उनकी समझ टेलीपैथिक स्तर की थी। उन्हें पता होता था कि धोनी कब दूसरा रन लेने वाले हैं और कब वे गैप में गेंद को ढकेलकर दबाव कम करेंगे। यही कारण है कि आज भी युवी के दिल में धोनी के लिए एक खास जगह है।
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मैदान पर दोनों की केमिस्ट्री थी लाजवाब
क्रिकेट जगत में युवराज और धोनी की जोड़ी को जय-वीरू की तरह देखा जाता था। युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने चर्चा के दौरान यह भी साफ किया कि खेल के प्रति उन दोनों का नजरिया एक जैसा था। भले ही बाद के वर्षों में उनके रिश्तों को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ी हों, लेकिन मैदान पर उनकी एकजुटता ने हमेशा भारत का तिरंगा ऊंचा रखा।
युवराज का यह बयान उन सभी चर्चाओं पर विराम लगा दिया जो दोनों के बीच खटास की बात करते थे। युवराज के अनुसार, सचिन तेंदुलकर उनके आदर्श थे और विराट कोहली एक बेहतरीन प्रतिभा, लेकिन पार्टनर के तौर पर धोनी जैसा कोई नहीं था।
धोनी की कप्तानी में युवराज ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेला और मैन ऑफ द टूर्नामेंट भी बने। युवी के इस बयान ने यह साबित कर दिया है कि समय बीतने के साथ पुरानी यादें और मैदान का वह भाईचारा आज भी उतना ही मजबूत है।
ऑथर के बारे में
सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर