दिलचस्प आंकड़े: महेंद्र सिंह धोनी के बाद कौन है भारत के बेहतर विकेटकीपर, देखे साहा, कार्तिक और पार्थिव और धोनी के आंकड़े
Published - 21 Jan 2018, 05:15 PM

भारतीय टीम इन दिनों दक्षिण अफ्रीका की चुनौती का सामना कर रही है। भारतीय टीम को इस चुनौती में अभी तक तो कामयाबी नहीं मिली है। भारत को दक्षिण अफ्रीका के हाथों तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले दो मैचों में करारी हार का सामना करना पड़ा है, जिस कारण से वो सीरीज में तो पहले ही 0-2 से पीछे हो गए हैं। भारतीय टीम के लिए इस सीरीज में विकेटकीपर की पहेली नहीं सुलझ पा रही है।
वैसे तो भारत के तमाम दिग्गज खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं लेकिन जिस तरह से विकेटकीपर अब तक के दोनों टेस्ट में जो प्रयोग किए गए वो ना तो विकेट के पीछे अच्छा कर सके और ना ही विकेट के आगे। भारत के इस समय तीन विकेटकीपर बल्लेबाज चर्चा में हैं वो है रिद्धीमान साहा, पार्थिव पटेल और दिनेश कार्तिक…. लेकिन इन तीनों में ही भारत के पूर्व टेस्ट विकेटकीपर महेन्द्र सिंह धोनी जैसा रूतबा नजर नहीं आता। महेन्द्र सिंह धोनी इन तीनों ही विकेटकीपर से कहीं आगे हैं।
देखे धोनी की अन्य तीनों विकेटकीपर से तुलना
धोनी जैसा नहीं है कोई दूजा
महेन्द्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े और महान विकेटकीपर रहे हैं। धोनी ने ना सिर्फ सीमित ओवर की क्रिकेट में बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भी अपनी खास छाप छोड़ी है। धोनी विकेट के पीछे जो अपनी चपलता के लिए जाने ही जाते थे साथ ही टेस्ट क्रिकेट में भी धोनी के बल्लेबाजी में भी जबरदस्त आंकड़े हैं, जो उन्हें भारत का महान विकेटकीपर बल्लेबाज बताने के लिए काफी है। धोनी ने 90 टेस्ट मैचों की 144 पारियों में 38 की औसत से 4876 रन बनाने के साथ ही 256 कैच और 38 स्टंपिंग की है।
दिनेश कार्तिक नहीं छोड़ सके प्रभाव
दिनेश कार्तिक ने भारतीय टीम में महेन्द्र सिंह धोनी से पहले ही एन्ट्री ली थी। दिनेश कार्तिक में प्रतिभा तो जबरदस्त नजर आती थी लेकिन वो कभी भी भारतीय टीम में अपनी प्रतिभा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके। कार्तिक ने अब तक भारत के लिए 23 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें 37 पारियों में 1 हजार ही रन बना सके हैं। और 51 कैच और 7 स्टंप करने में सफलता हासिल की।
पार्थिव का भी प्रदर्शन रहा है फिका
भारतीय टीम में इन सभी विकेटकीपर की बात की जाए तो पार्थिव पटेल सबसे सीनियर विकेटकीपर हैं। पार्थिव ने साल 2002 में ही डेब्यू कर लिया था लेकिन अब तक भारतीय टीम में किश्तों के अंदाज में 24 मैच खेल सके हैं। जिसमें 916 रन ही बनाए हैं। पार्थिव के विकेट के पीछे के प्रदर्शन की बात करे तो वो 57 कैच और 10 स्टंपिंग कर सके हैं।
रिद्धीमान साहा ने अब तक नहीं दिखाया माही जैसा मैजिक
जब से भारतीय टीम से महेन्द्र सिंह धोनी ने अपने टेस्ट करियर से अलविदा कहा है उसके बाद तो रिद्धीमान साहा ही विकेटकीपर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। रिद्धीमान साहा ने अब तक 32 टेस्ट मैच खेल लिए हैं लेकिन जैसा प्रभाव धोनी का था वैसा साहा तो नहीं दिखा सके हैं। साहा ने इस दौरान 46 पारियों में 1164 रन बनाए हैं और वहीं 75 कैच और 10 स्टंप किए हैं।