5 बार की चैंपियन CSK क्यों हो रही फेल? जानें 3 बड़े कारण
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आईपीएल के इतिहास में सबसे सफल टीमों में शुमार चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए IPL 2026 की शुरुआत किसी झटके से कम नहीं रही है।
जो टीम हमेशा अपनी स्थिरता, अनुभव और मैच फिनिश करने की क्षमता के लिए जानी जाती रही है, वही टीम इस बार अपने शुरुआती तीनों मुकाबले हारकर अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई है। राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के बाद अब रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ हार ने टीम की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
लगातार तीन हार ने न सिर्फ टीम के आत्मविश्वास को प्रभावित किया है, बल्कि कई रणनीतिक कमजोरियों को भी उजागर कर दिया है। नेट रन रेट का -2.517 तक गिर जाना इस बात का संकेत है कि समस्या सिर्फ हार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदर्शन के स्तर पर भी लगातार गिरावट आ रही है।
3 बड़े कारण क्यों CSK IPL 2026 में हो रही है फेल ?

1. कमजोर और बेअसर गेंदबाजी
इस सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी गेंदबाजी नजर आ रही है। पंजाब किंग्स के खिलाफ 200 से ज्यादा रन बनाने के बावजूद टीम उस स्कोर को डिफेंड नहीं कर सकी, जो कि चेन्नई जैसी अनुभवी टीम के लिए असामान्य है। तेज गेंदबाजों में मैट हेनरी, खलील अहमद और अंशुल कंबोज लगातार महंगे साबित हो रहे हैं और विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे हैं।
डेथ ओवर्स में रन रोकने की क्षमता लगभग खत्म सी दिख रही है, जिसका एक बड़ा कारण मथीशा पथिराना जैसे डेथ स्पेशलिस्ट को रिलीज करना भी माना जा रहा है। स्पिन डिपार्टमेंट में राहुल चाहर और नूर अहमद से भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं मिला है, जिससे टीम के पास विकेट निकालने का भरोसेमंद विकल्प नहीं बचा है।
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2. धोनी समेत प्रमुख खिलाड़ियों की चोट और नेतृत्व की कमी
एम. एस. धोनी की गैरमौजूदगी टीम (CSK) पर साफ तौर पर भारी पड़ रही है। कॉफ स्ट्रेन के चलते धोनी शुरुआती मुकाबलों में नहीं खेल पाए और उनकी कमी मैदान पर हर पहलू में महसूस हुई है। चाहे वह विकेट के पीछे की फुर्ती हो या मैदान पर रणनीतिक फैसले, धोनी का अनुभव टीम को संतुलन देता था।
उनके अलावा डेवाल्ड ब्रेविस जैसे अहम विदेशी खिलाड़ी भी चोट के कारण बाहर हैं, जिससे प्लेइंग इलेवन का संतुलन बिगड़ गया है। लगातार बदलावों के कारण टीम अपनी बेस्ट कॉम्बिनेशन खोजने में संघर्ष कर रही है, जिसका असर सीधे प्रदर्शन पर दिख रहा है।
3. मैच फिनिशर्स की भारी कमी
चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की पहचान हमेशा मजबूत फिनिशर्स से रही है, लेकिन इस सीजन में यही पहलू सबसे कमजोर कड़ी बन गया है। टीम ने ऑक्शन और ट्रेड के दौरान रवींद्र जडेजा और सैम करन जैसे अनुभवी ऑलराउंडर्स को बाहर किया और युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया।
हालांकि टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजों की कमी नहीं है, लेकिन डेथ ओवर्स में तेजी से रन बनाने और मैच खत्म करने वाला खिलाड़ी नजर नहीं आ रहा। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में यह कमजोरी साफ दिखी, जब पूरी टीम 127 रन पर सिमट गई। दबाव के समय कोई भी बल्लेबाज जिम्मेदारी लेकर मैच को अंत तक नहीं ले जा सका, जो चेन्नई के लिए चिंता का सबसे बड़ा कारण बन चुका है।
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