कौन हैं कीर्ति आज़ाद जिन्होंने ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर उठाए सवाल? जानें भारत के लिए खेले कितने मैच
Published - 11 Mar 2026, 12:42 PM | Updated - 11 Mar 2026, 12:48 PM
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Kirti Azad: रविवार, 8 मार्च को भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर टी20 विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम किया। इस खिताब को जीतने के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष जय शाह विनिंग ट्रॉफी को लेकर हनुमान जी के मंदिर पहुंचे। लेकिन यह बात पूर्व विश्व चैंपियन टीम के सदस्य कीर्ति आजाद (Kirti Azad) को बिल्कुल भी पसंद नहीं।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर करके कप्तान और आईसीसी अध्यक्ष को रिमांड पर लेना शुरू कर दिया। चलिए आपको बताते हैं कौन हैं कीर्ति आजाद, जो कि ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर इतने सवाल उठा रहे रहे हैं। और जानते हैं कि उन्होंने भारत के लिए कितने मैच खेले हैं और उनका प्रदर्शन कैसा रहा है।
कौन हैं Kirti Azad?
कीर्ति आजाद भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर हैं, जिनका जन्म 2 जनवरी 1959 को बिहार के पूर्णिया में हुआ था। कीर्ति आजाद ने 1976/77 में दिल्ली के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलना शुरू किया और साधारण प्रदर्शन के बावजूद उन्हें 6 दिसंबर 1980 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में डेब्यू करने का मौका मिला। इसके बाद कीर्ति आजाद (Kirti Azad) ने अगले साल 1981 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया।
लेकिन दोनों फॉर्मेट में उनका प्रदर्शन बेहद साधारण रहा। न ही वह बल्ले से चले और न ही उनकी ऑफ स्पिन गेंदबाजी ने भारत को किसी मुकाबले में जीत दिलाई। अंत में 18 अप्रैल 1986 को कीर्ति आजाद को पाकिस्तान के खिलाफ अंतिम वनडे मैच खेलने का मौका मिला और फिर दोबारा वह भारतीय जर्सी में नजर नहीं आए। बता दें कि, कीर्ति आजाद (Kirti Azad) के पिता बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
विश्व कप टीम का हिस्सा रह चुके हैं आजाद
कीर्ति आजाद को साल 1983 में इंग्लैंड की मेजबानी में हुए एकदिवसीय विश्व कप के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल किया गया था। इस दौरान कपिल देव की कप्तानी वाली टीम इंडिया में आजाद को 3 मैच खेलने का मौका मिला, जिसकी दो पारियों में उन्होंने 7.50 की साधारण औसत और 71.42 के मामूली स्ट्राइक रेट के साथ सिर्फ 15 रन बनाए थे।
कीर्ति आजाद (Kirti Azad) इस दौरान एक पारी में खाता तक नहीं खोल सके थे। बल्ले से फ्लॉप रहने वाले कीर्ति आजाद की ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी विश्व कप में बेहद साधारण रही थी। उन्होंने 3 पारियों में सिर्फ एक विकेट लिया था, जिसके बाद उनको प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप कर दिया गया। हालांकि, कीर्ति आजाद भारत के लिए पहला विश्व कप जीतने वाली टीम इंडिया के सदस्य थे।
ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर उठाए सवाल
क्रिकेट की दुनिया में करियर नहीं बना पाने के बाद कीर्ति आजाद (Kirti Azad) ने राजनीति में कदम रखा और 1993 में वह बीजेपी में शामिल हो गए। वह इसी वर्ष पहली बार विधायक भी बने। जबकि भाजपा के साथ रहते हुए वह 1999, 2009 और 2014 में सांसद भी रहे। इसके बाद साल 2015 में उन्हें भाजपा से निलंबित कर दिया गया।
इसके कुछ समय बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और फिलहाल वह अब तृणमूल कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं और 2024 में उन्होंने लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की बर्दवान-दुर्गापुर सीट से जीतकर सांसद बने हैं।
बता दें कि, कीर्ति आजाद ने कहा था कि विश्व कप 2026 जीतने वाली टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख ईसाई सभी धर्मों के खिलाड़ी थे। लेकिन ट्रॉफी को सिर्फ मंदिर लेकर जाया गया। जबकि बाकी स्थानों पर नहीं। इसपर अब कीर्ति आजाद (Kirti Azad) को पूर्व खिलाड़ियों, राजनीतिक पार्टियों और टीम इंडिया के वर्तमान खिलाड़ियों से कड़ी आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा है।
भारत के लिए खेल चुके हैं इतने मैच
कीर्ति आजाद का इंटरनेशनल करियर ज्यादा बड़ा नहीं रहा है। उन्होंने टीम इंडिया के लिए सिर्फ 7 टेस्ट और 25 वनडे मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 7 टेस्ट की 12 पारियों में 11.25 की मामूली औसत के साथ सिर्फ 135 रन बनाए हैं, जिसमें उनको सर्वोच्च स्कोर 24 रन रहा। वहीं, वनडे में कीर्ति आजाद ने भारत के लिए 25 मैचों में प्रतिनिधित्व किया।
इस दौरान उन्होंने 25 मैचों की 21 पारियों में 14.15 की साधारण औसत से 269 रन बनाए हैं। इसमें उनको सर्वोच्च स्कोर नाबाद 39 रन रहा। जबकि टेस्ट में आजाद ने 3 और वनडे में सात विकेट झटके हैं। बता दें कि, आजाद ने 142 फर्स्ट क्लास और 72 लिस्ट ए मुकाबले में खेले हैं। यहां भी उनके आंकड़े साधारण रहे हैं।
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क्रिकेट सिर्फ़ एक खेल नहीं, यह एक ऐसा जुनून है जो हर भारतीय के दिल में धड़कता है। मैं, अमन शर्मा, इस... रीड मोर