क्या हैं Impact Player Rule? क्या इसकी खूबियाँ और खामियां! जिसे 2027 IPL के बाद हटा रही BCCI
Published - 26 Mar 2026, 11:37 AM | Updated - 26 Mar 2026, 11:50 AM
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Impact Player Rule: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में अगर किसी एक नियम की सबसे अधिक चर्चा हो रही है तो वह इम्पैक्ट प्लेयर है। इस नियम को बीसीसीआई पहली बार साल 2023 के सीजन में पेश किया गया था। जबकि इस नियम का पहली बार इस्तेमाल चेन्नई सुपर किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस के उद्घाटन मैच में हुआ था।
लेकिन वर्तमान में इस नियम की काफी आलोचना हो रही है। खिलाड़ियों से लेकर कप्तानों तक हर कोई इस नियम के खिलाफ है। हर कोई इस बीसीसीआई से इस नियम को हटाने की मांग कर रहे हैं। चलिए जानते हैं कि क्या है इम्पैक्ट प्लेयर (Impact Player Rule) का ये नियम और क्या हैं इसकी खूबियां और खामियां। क्या आईपीएल 2027 में इसको बीसीसीआई हटाने वाली है।
क्या है Impact Player Rule?

इम्पैक्ट प्लेयर नियम इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में पहली बार साल 2023 में लाया गया था। इस नियम को लाने से पहले बीसीसीआई ने इसको सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2022 में आजमाया था और सफल होने के बाद इसको आईपीएल में शामिल किया गया।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम (Impact Player Rule) के अनुसार कप्तान को टॉस के समय प्लेइंग इलेवन के अलावा पांच खिलाड़ियों का नाम देना होता है, जिसमें से वह किसी एक को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। यह प्लेयर प्लेइंग इलेवन में शामिल किसी भी प्लेयर की जगह ले सकता है।
उदाहरण से समझे तो मान लो मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग की। उस वक्त रोहित शर्मा प्लेइंग इलेवन में बतौर सलामी बल्लेबाज शामिल थे। लेकिन फील्डिंग से पहले उनको प्लेइंग इलेवन से बाहर करके उनकी जगह किसी फुल टाइम गेंदबाज को शामिल किया जा सकता है। इस नियम के तहत टीम एक बल्लेबाज और गेंदबाज एक स्थान पर खिला सकते हैं।
क्या हैं इसकी खूबियां?
इम्पैक्ट प्लेयर नियम (Impact Player Rule) आने के बाद फ्रेंचाइजियों का इसका फायदा हुआ है। दरअसल, इस नियम के आने के बाद प्लेइंग इलेवन में शामिल किसी एक खिलाड़ी से बदलने की छूट फ्रेंचाइजी को देता है, जो कि एक बल्लेबाज या फिर गेंदबाज हो सकता है। यानी फील्डिंग के दौरान एक अतिरिक्त गेंदबाज और बल्लेबाजी के समय एक अतिरिक्त बैटर को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है।
इस नियम के आने के बाद फ्रेंचाइजी एक अतिरिक्त बल्लेबाज के साथ हाई स्कोरिंग रन बना सकती है। वहीं, किसी टीम का कोई खिलाड़ी चोटिल होता है तो उसकी जगह इम्पैक्ट प्लेयर (Impact Player Rule) के तहत दूसरे खिलाड़ी को शामिल किया जा सकता है।
हालांकि, इस नियम को एख मैच में केवल एक बार इस्तेमाल किया जा सकता है। एक बार इस नियम का उपयोग करने के बाद जिस प्लेयर को बाहर किया गया है उसको दोबारा प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया जा सकता है। लेकिन फ्रेंचाइजी इसका उपयोग करना बखूबी सीख चुकी हैं और इसका लाभ भी उठा रही हैं।
इम्पैक्ट प्लेयर की खामियां
इंडियन प्रीमियर लीग में इम्पैक्ट प्लेयर आने की जितनी खामियां हैं उतना ही इसका नुकसान भी है। दरअसल, इस नियम के आने से पहले फ्रेंचाइजी बेहतरीन ऑलराउंडर की तलाश करती थीं, जो कि उनकी टीम के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों से जीत में योगदान दे सके।
लेकिन इम्पैक्ट प्लेयर नियम (Impact Player Rule) आने के बाद से हरफनमौला खिलाड़ियों का महत्व लगभग खत्म हो गया है, क्योंकि इनकी जगह फ्रेंचाइजी विशेषज्ञ बल्लेबाज या गेंदबाज को खिला सकती है।
वहीं, इस नियम के आने के बाद पारंपरिक खेल, जिसमें पहले 11 खिलाड़ी खेला करते थे, लेकिन इस नियम के बाद अब 12 प्लेयर्स का खेल गया, जो कि खेल का संतुलन बिगाड़ता है। वहीं, हाल ही में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल भी इस नियम की आलोचना करते नजर आए थे। उन्होंने कहा था कि पहले फ्रेंचाइजी एक खास रोल के लिए हरफनमौला खिलाड़ियों का चयन करते थे, लेकिन अब वह एक खास बल्लेबाज या गेंदबाज को चुनते हैं।
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क्या बीसीसीआई हटाएगी ये नियम?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के द्वारा लाए गए इस नियम की कप्तान काफी आलोचना कर रहे हैं। इसको लेकर बुधवार को कप्तानों की एक बैठक में इस नियम पर काफी गहन चर्चा हुई। आईपीएल के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि अधिकांश कप्तान इम्पैक्ट प्लेयर नियम (Impact Player Rule) के खिलाफ थे।
वहीं, इस बैठक से पहले दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल भी अपनी बात रख चुके हैं तो मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा भी इस फैसले को वापस लेने के लिए अपनी आवाज को उठा रहे हैं।
हालांकि, विरोध के बावजूद यह नियम आईपीएल 2027 तक बरकरार रहने वाला है, लेकिन इसके बाद बीसीसीआई इसकी समीक्षा करेगी और फिर अंत में जाकर फैसला लेगी। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड साल 2027 में होने वाली समीक्षा बैठक के बाद इस नियम को वापस लेगी या फिर इसको आगे भी जारी रख सकती है।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम से BCCI को नुकसान?
इम्पैक्ट प्लेयर नियम इसलिए लाया गया था, ताकि आईपीएल में रोमांच के तड़के को शामिल किया जा सके। लेकिन इस नियम से न सिर्फ आईपीएल फ्रेंचाइजी को, बल्कि खुद बीसीसीआई को भी इसका नुकसान झेलना पड़ सकता है। दरअसल, आईपीएल ने टीम इंडिया को हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, रवींद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी जैसे स्टार ऑलराउंडर्स दिए हैं, जो कि भारतीय क्रिकेट को बुलदियों पर लेकर गए हैं।
लेकिन इम्पैक्ट प्लेयर नियम (Impact Player Rule) आने के बाद ऑलराउंडर्स की मांग फ्रेंचाइजियों के बीच कम हो सकती है और इसका नुकसान बीसीसीआई को झेलना पड़ सकता है। पहले सभी फ्रेंचाइजी प्लेइंग इलेवन में दो से तीन ऑलराउंडर्स रखती थीं, ताकि वह अपने दोनों विभागों को मजबूत कर सके।
लेकिन इम्पैक्ट प्लेयर नियम (Impact Player Rule) आने के बाद हरफनमौला खिलाड़ियों की मांग में गिरावट आई है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या बीसीसीआई इस नियम को आगे भी जारी रखती है या फिर कोई ठोस कदम उठाते हुए इसको रद्द करने का फैसला लेती है।
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