विराट कोहली बनाम जो रूट: कौन था बेस्ट टेस्ट कप्तान? जानिए क्या कहते हैं आंकड़े
Published - 15 Jan 2026, 04:09 PM | Updated - 15 Jan 2026, 04:11 PM
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टेस्ट क्रिकेट की दुनिया में कप्तानी का जिम्मा संभालना एक बड़ी जिम्मेदारी है, खासकर जब आप आधुनिक दौर के दो सबसे महान बल्लेबाजों की बात कर रहे हों। भारत के आक्रामक दिग्गज और इंग्लैंड के तकनीकी मास्टर के बीच की तुलना हमेशा से क्रिकेट गलियारों में चर्चा का विषय रही है।
इन दोनों ने अपनी-अपनी टीम को लंबी अवधि तक लीड किया है, लेकिन सफलता के पैमाने पर कौन खड़ा उतरता है, इसका फैसला केवल आंकड़ों के जरिए ही किया जा सकता है। विराट कोहली (Virat Kohli) बतौर कप्तान जो रूट से बेस्ट हैं या नहीं देखिए आंकड़ो के हिसाब से।
भारतीय टेस्ट इतिहास के सबसे सफल कप्तान Virat Kohli
जब हम टेस्ट कप्तानी के आंकड़ों पर नज़र डालते हैं, तो विराट कोहली (Virat Kohli) का नाम सुनहरे अक्षरों में चमकता है। कोहली ने 2014 से 2022 के बीच कुल 68 टेस्ट मैचों में भारत का नेतृत्व किया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कोहली के नेतृत्व में टीम इंडिया ने 40 मैचों में शानदार जीत दर्ज की, जबकि केवल 17 मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और 11 मैच ड्रॉ रहे। 58.82% का उनका विनिंग रेट उन्हें भारत का अब तक का सबसे सफल टेस्ट कप्तान बनाता है।
विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी की सबसे बड़ी उपलब्धि ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतना और भारतीय टीम को लगातार 42 महीनों तक आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 बनाए रखना थी। उन्होंने टीम में जो आक्रामकता और फिटनेस का कल्चर पैदा किया, उसी के दम पर भारत ने विदेशी धरती पर जीतना सीखा।
इंग्लैंड के लिए सर्वाधिक मैचों में कप्तानी का रिकॉर्ड जो रूट के नाम
दूसरी ओर, जो रूट ने इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में एक मैराथन पारी खेली है। रूट ने कुल 64 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड की कमान संभाली, जो कि इंग्लैंड के इतिहास में किसी भी कप्तान द्वारा सबसे ज्यादा है। हालांकि, जीत के मामले में वे कोहली से पीछे नजर आते हैं। रूट की कप्तानी में इंग्लैंड ने 27 मैच जीते, लेकिन उन्हें 26 मैचों में हार का स्वाद चखना पड़ा, जबकि 11 मुकाबले ड्रॉ पर समाप्त हुए।
रूट का विनिंग रेट 42.18% रहा। जो रूट के कार्यकाल के दौरान इंग्लैंड ने घरेलू मैदानों पर तो अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन एशेज जैसी महत्वपूर्ण सीरीज और विदेशी दौरों पर टीम को काफी संघर्ष करना पड़ा। हालांकि, एक कप्तान के तौर पर रूट ने बल्ले से अविश्वसनीय रन बनाए, लेकिन टीम को उस मुकाम तक नहीं ले जा सके जहां कोहली ने भारत को पहुंचाया।
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क्यों हैं Virat Kohli रूट से कोसों आगे?
दोनों कप्तानों के बीच का अंतर केवल जीत और हार की संख्या में नहीं, बल्कि इम्पैक्ट में भी साफ नजर आता है। विराच कोहली (Virat Kohli) ने 68 मैचों में 40 जीत के साथ दुनिया के चुनिंदा सफल कप्तानों की सूची में जगह बनाई है।
उनकी कप्तानी में भारत का हार का प्रतिशत बहुत कम 25% रहा है जबकि रूट के मामले में यह लगभग 40% तक चला गया। कोहली ने अपनी कप्तानी में सेना यानी साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी जीत के झंडे गाड़े, जबकि रूट की टीम अक्सर उपमहाद्वीप और ऑस्ट्रेलिया में संघर्ष करती दिखी।
आईसीसी रिकॉर्ड्स बताते हैं कि कोहली सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने वाले कप्तानों की ऑलटाइम सूची में छठे स्थान पर हैं। इन रीकॉर्ड को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि कप्तानी की शैली, आक्रामकता और विशेषकर मैच जीतने के जज्बे के मामले में विराट कोहली, जो रूट से कहीं बेहतर और बड़े टेस्ट कप्तान साबित होते हैं।
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सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर