"अब मुझे रणजी खेलना होगा", टेस्ट में लगातार फ्लॉप हो रहे विराट कोहली का बड़ा बयान, घरेलू क्रिकेट में वापसी की जताई इच्छा
Published - 28 Feb 2023, 11:55 AM

Virat Kohli: टीमम इंडिया के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली (Virat Kohli) ने विश्व क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है. उनका दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के बाद विश्व क्रिकेट में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है. क्योंकि उन्होंने कई बड़े कर्तिमान अपने नाम किए हैं. जबकि महज 34 साल के कोहली ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 25000 से ज्यादा रन अपने नाम कर लिए हैं. ऐसे में टेस्ट क्रिकेट में खराब फॉर्म से गुजर रहे किंग कोहली ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने को लेकर अपनी बड़ी प्रतिक्रिया दी .
Virat Kohli को सताया था टेस्ट से बाहर होने का डर
टीम इंडिया ने साल 2012 में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था. जहां टेस्ट सीरीज खेली जानी थी. विराट कोहली (Virat Kohli) भी इस टीम का हिस्सा थे. लेकिन कोहली को उस समय रैड बॉल से खेलने का अनुभव कोई खास नहीं था. जिसकी वजह से कोहली को टीम से बाहर निकाले जाने का डर सताने लगा था. तब उन्होंने सोचा कि मुझे फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलकर वापस फॉर्म पानी होगी. उन्होंने आगे बातचीत करते हुए कहा,
“जब हम पर्थ पहुंचे तो पिच देखने पर पहली झलक में ही समझ आ गया की यह एक मुश्किल पिच होने वाली है. यहाँ गति और उछाल देनो ही देखने को मिलेंगे. इसके अलावा पिच पर काफी घास भी थी. तब मुझे लगा की अगर मैं इस मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके तो मुझे टीम से बाहर किया जाना तय था. मैं शयद फर्स्ट क्लास क्रिकेट (रणजी) खेलता और दोबारा टीम में अपनी जगह बनता.”
खुद की फॉर्म को लेकर काफी निराश किंग कोहली
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रन बनाने के लिए खिलाड़ियों को काफी संघर्ष करना पड़ता है. एक समय था कि खिलाड़ी कंगारू टीम के लिए रन नहीं बना पाते थे. लेकिन भारतीय बल्लेबाज राट कोहली (Virat Kohli) ने इस धारणा को गलत साबित करके दिखा दिया. विराट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बानने के मामले में 5वें भारतीय खिलाड़ी है. उन्होंने 22 मैचों में 1778 रन बनाए हैं. लेकिन शुरूआती दिनों में कोहली अपनी फॉर्म को लेकर काफी चिंचित थे. साल 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए चौथे टेस्ट में सबसे ज्यादा रन भी बनाये थे. उन्होंने बताया,
“मैं खुद को लगातार कह रहे था की मैं अच्छा हूं और मैं ये कर सकता हूं. पहली पारी में 48 रन पर आउट होने के बाद दूसरी पारी में मैंने 75 रन बनाये. मैच में पिच कंडीशन काफी मुश्किल थी. मैं उस टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वाला खिलाड़ी था. इसके बाद मुझमें काफी विश्वास जगा और मैं ठान लिया की हमेशा अपनी प्रतिभा पर विश्वास करूंगा.”
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