विराट-रोहित को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में लगेगा झटका, तो शुभमन-बुमराह को मिलेगा फायदा
Published - 21 Jan 2026, 01:28 PM | Updated - 21 Jan 2026, 01:33 PM
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड जल्द ही साल 2026 के लिए अपने नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की घोषणा करने वाला है। इस बार की सूची में भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े नाम, रोहित शर्मा और विराट कोहली (Virat Kohli), चर्चा का विषय बने हुए हैं।
बोर्ड द्वारा अपनाई जा रही नई नीतियों और फॉर्मेट की उपलब्धता के आधार पर ग्रेडिंग सिस्टम में बड़े फेरबदल की संभावना है। जहाँ कुछ सीनियर खिलाड़ियों के डिमोशन की खबरें हैं, वहीं युवा सितारों को उनकी मेहनत का इनाम मिलने वाला है।
Virat Kohli और रोहित का ग्रेडिंग में बदलाव की संभावना
बीसीसीआई के नए कॉन्ट्रैक्ट स्ट्रक्चर में विराट कोहली (Virat Kohli) और रोहित शर्मा को लेकर कड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इसका मुख्य कारण इन दोनों दिग्गजों का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना है। वर्तमान नियमों के अनुसार A+ ग्रेड केवल उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जो तीनों प्रारूप टेस्ट, वनडे और टी20 में सक्रिय होते हैं।
चूंकि विराट कोहली (Virat Kohli) अब केवल वनडे फॉर्मेट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, इसलिए उन्हें शीर्ष श्रेणी से हटाकर B या C ग्रेड में रखा जा सकता है। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति का मानना है कि जो खिलाड़ी साल भर टीम के लिए हर फॉर्मेट में उपलब्ध रहते हैं, उन्हें वित्तीय रूप से अधिक प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
विराट कोहली (Virat Kohli) की ब्रांड वैल्यू भले ही सबसे अधिक हो, लेकिन बीसीसीआई के आधिकारिक पे स्ट्रक्चर में उनकी सालाना रिटेनरशिप फीस में 2 से 4 करोड़ रुपये की कटौती हो सकती है। यह विराट कोहली (Virat Kohli) के करियर में पहली बार होगा जब वे बीसीसीआई की एलीट लिस्ट का हिस्सा नहीं होंगे। हालांकि, मैच फीस और अन्य भत्तों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन यह डिमोशन एक नए युग की शुरुआत का संकेत है।
गिल और बुमराह हो सकते हैं नए एलीट सितारे
एक तरफ जहाँ विराट-रोहित जैसे दिग्गजों के ग्रेड में गिरावट की संभावना है, वहीं दूसरी ओर शुभमन गिल और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों का कद बढ़ने वाला है। शुभमन गिल, जिन्हें वनडे और टेस्ट की कप्तानी सौंपी गई है, अब A+ ग्रेड के सबसे प्रबल दावेदार बन गए हैं। वे विराट कोहली (Virat Kohli) की विरासत को आगे बढ़ाते हुए तीनों फॉर्मेट में भारत के मुख्य स्तंभ बन चुके हैं।
इसी तरह, जसप्रीत बुमराह की मैच जिताने वाली क्षमता और उनकी निरंतरता को देखते हुए बोर्ड उन्हें सर्वोच्च श्रेणी में बरकरार रखेगा। बुमराह न केवल गेंदबाजी इकाई का नेतृत्व करते हैं, बल्कि वे वर्तमान में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑल-फॉर्मेट गेंदबाज भी हैं। बीसीसीआई की नई नीति के तहत ऋषभ पंत और यशस्वी जायसवाल को भी प्रमोट किया जा सकता है।
विराट कोहली (Virat Kohli) और रोहित के डिमोशन से जो बजट बचेगा, उसे इन युवा खिलाड़ियों की सैलरी बढ़ाने में इस्तेमाल किया जाएगा। बोर्ड का यह कदम स्पष्ट करता है कि भविष्य की टीम इंडिया अब युवाओं के कंधों पर टिकी है और जो खिलाड़ी मैदान पर अधिक समय बिताएगा, उसे ही सबसे बड़ा रिवॉर्ड मिलेगा।
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A+ श्रेणी खत्म करने का प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार बीसीसीआई इस बार A+ श्रेणी को पूरी तरह से समाप्त करने पर भी विचार कर रहा है। यदि ऐसा होता है, तो विराच कोहली (Virat Kohli) और अन्य सभी टॉप खिलाड़ियों को एक ही A ग्रेड में रखा जाएगा, जिसकी सालाना फीस 5 करोड़ रुपये हो सकती है। यह निर्णय इसलिए लिया जा रहा है ताकि सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों के बीच के वित्तीय अंतर को कम किया जा सके और दिग्गज खिलाड़ीयों के ट्रांजिशन फेज को सम्मानजनक बनाया जा सके।
बोर्ड का मुख्य लक्ष्य 2026 के घरेलू सत्र और आईसीसी आयोजनों के लिए एक संतुलित टीम तैयार करना है। विराट कोहली के लिए यह कॉन्ट्रैक्ट केवल पैसों की बात नहीं है, बल्कि यह उनके करियर के अंतिम पड़ाव की ऑफीसीयल एसेप्टेंस भी है। हालांकि, प्रशंसकों का मानना है कि विराट कोहली (Virat Kohli) ने भारतीय क्रिकेट को जो दिया है, उसके लिए उन्हें स्पेशल ग्रेड मिलना चाहिए।
लेकिन बीसीसीआई अब भावनाओं से ऊपर उठकर पेशेवर और प्रदर्शन-आधारित मॉडल पर काम कर रहा है। नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की आधिकारिक सूची फरवरी 2026 के पहले सप्ताह में जारी होने की उम्मीद है, जिससे भारतीय क्रिकेट की नई तस्वीर साफ हो जाएगी।
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