टी20 नहीं टीम इंडिया के लिए टेस्ट में डेब्यू कर जाएंगे वैभव सूर्यवंशी! BCCI ने दी फैंस को बड़ी खुशखबरी
Published - 05 Apr 2026, 02:53 PM | Updated - 05 Apr 2026, 03:07 PM
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के टेस्ट भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक ऐतिहासिक 10 वर्षीय रोडमैप तैयार किया है। इस मास्टर प्लान के केंद्र में बिहार के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) का नाम सबसे ऊपर उभर कर आया है।
हाल ही में अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में अपने बल्ले से कोहराम मचाने वाले वैभव अब सीधे रेड-बॉल क्रिकेट के जरिए सीनियर टीम में जगह बनाने की राह पर हैं। बीसीसीआई का यह नया कदम प्रशंसकों के लिए किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है।
टेस्ट टीम के पुनर्गठन के लिए BCCI का विजन 2036

पिछले कुछ समय से टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं, जिसे देखते हुए बीसीसीआई ने अब लंबी अवधि की योजना बनाई है।
वीवीएस लक्ष्मण की देखरेख में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने एक ऐसा ढांचा तैयार किया है जो अगले एक दशक तक भारत की टेस्ट पाइपलाइन को मजबूत रखेगा। इस योजना के तहत वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) जैसे युवाओं को आईपीएल की चकाचौंध से इतर
सीधे पांच दिवसीय क्रिकेट की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। बोर्ड का मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट में तकनीक और धैर्य की कमी को केवल जमीनी स्तर पर सुधार कर ही दूर किया जा सकता है।
Vaibhav Sooryavanshi को क्यों किया जा रहा है फास्ट-ट्रैक?
महज 15 वर्ष की आयु में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने जिस तरह की परिपक्वता दिखाई है, उसने चयनकर्ताओं को हैरान कर दिया है। रणजी ट्रॉफी और अंडर-19 स्तर पर उनके रिकॉर्ड्स गवाह हैं कि उनमें लंबी पारी खेलने की क्षमता है।
बीसीसीआई की नई रणनीति के अनुसार, युवा बल्लेबाज को जून-जुलाई में होने वाले विशेष इंट्रा-CoE रेड-बॉल टूर्नामेंट में शामिल किया गया है। वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्हें सीधे इंडिया-ए और इमर्जिंग टीम के शैडो टूर (Shadow Tours) के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट के दबाव को जल्दी समझ सकें।
दिल्ली के खिलाफ क्यों नहीं उतरे Hardik Pandya? अब सामने आई सच्चाई, जानें कितने मैच और नहीं खेलेंगे
टीम इंडिया के टेस्ट रोडमैप
बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि अगले एक साल तक हाई-परफॉरमेंस कैंप्स का पूरा ध्यान केवल रेड-बॉल क्रिकेट पर होगा। इस पूल में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) के साथ आयुष म्हात्रे और समीर रिज़वी जैसे नाम भी शामिल हैं।
मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की सहमति से तैयार इस रोडमैप में बिहार के इस लाल की भूमिका एक आक्रामक ओपनर के तौर पर देखी जा रही है।
आईपीएल खत्म होने के बाद, वे श्रीलंका के खिलाफ होने वाले चार दिवसीय मैचों के दौरे पर भी नजर आ सकते हैं, जो उनके टेस्ट डेब्यू की ओर पहला बड़ा कदम होगा।
चोट खत्म, अब होगा धमाका! CSK का सबसे बड़ा मैच विनर हुआ फिट, DC के खिलाफ 11 अप्रैल को खेलेगा मैच
आगामी सीरीज के लिए भारत की टेस्ट रणनीति क्या होगी?
भारतीय टेस्ट टीम में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) को एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। बीसीसीआई के इस 10 साल के प्लान में कुल 64 युवाओं को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिन्हें चार टीमों में बांटकर रेड-बॉल मैचों का अनुभव दिया जाएगा।
इस खिलाड़ी की बल्लेबाजी शैली और उनकी उम्र उन्हें भविष्य का सुपरस्टार बनाती है। अगर वे आगामी घरेलू सत्र और इंडिया-ए के दौरों पर सफल रहते हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब हम वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) को टीम इंडिया की सफेद जर्सी में मैदान पर देखेंगे। भारतीय क्रिकेट के इस नए अध्याय ने प्रशंसकों के बीच भारी उत्साह पैदा कर दिया है। फिलहाल वैभब राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल खेल रहे हैं और बेहद शानदार प्रदर्शन करक रहे हैं।
Tagged:
team india bcci Vaibhav Sooryavanshiऑथर के बारे में
सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर